जम्मू कश्मीर के करन नगर जिले में CRPF कैंप पर आतंकी हमले में भारतीय जवान मोजाहिद खान शहीद हो गए। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके गृह नगर आरा (बिहार) पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए मोजाहिद खान के घर पर हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। 49वीं बटालियन के जवान ने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान दांव पर लगा दी लेकिन उनके अंतिम दर्शन के लिए न तो किसी सियासतदान ने सुध ली और न ही वहां उनका नुमाइंदा पहुंचा।
Bihar: Mortal remains of Mujahid Khan, CRPF Jawan who lost his
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life in Srinagar's #KaranNagar encounter,
brought to his home in Arrah. pic.twitter.com/psvoSqIfjO — ANI (@ANI)
href="https://twitter.com/ANI/status/963605808813608960?ref_src=twsrc%5Etfw">14 February 2018
जवानों की शहादत पर सियासत भी शुरू हो चुकी है। नेताओं के उदासीन रवैये को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने लिखा कि बिहार के दो जाबांज सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए लेकिन नीतीश सरकार का एक भी मंत्री जवानों को श्रद्धांजलि देने किए अंतिम संस्कार में सम्मिलित नहीं हुआ। उन्होंने लिखा कि नीतीश जी संघ के वकील न बनें।
सोमवार की तड़के सुबह जम्मू कश्मीर के करन नगर में आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर धावा बोल दिया था। बंदूकधारी आतंकी कैंप के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे लेकिन गेट पर तैनात जवानों ने आतंकियों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया। आतंकियों को छिपने के लिए मजबूर करने वाले जवानों में मोजाहिद का नाम शामिल था। शहीद होने के 2 घंटे पहले मोजाहिद ने अपने परिवार वालों से बात की थी।