बांग्लादेश आवामी लीग की नेता शेख हसीना ने जीत के बाद अपने सरकारी आवास पर कहा कि मैंने नहीं सोचा था कि मुझे सत्ता में लौटना होगा। जब उनसे देश की राजनीति में विपक्ष के पूरी तरह से नदारद रहने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भारत में कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले चुनाव में उसे कितनी सीटें मिलीं? दरअसल, वे फोकस नहीं कर सके कि उनका पीएम कौन होगा। जबकि राजीव गांधी के सामने मात्र दो सीटें जीतने वाली भाजपा आज पूरी ताकत से सत्ता में है। हसीना बोलीं कि जब दो सीट जीतने वाली भाजपा सत्ता में आ सकती है तो हमारे यहां भी विपक्ष के पास मौका है।
बता दें कि शेख हसीना के गठबंधन को इस चुनाव में संसद की 300 में से 288 सीटें हासिल हुई हैं जबकि विपक्षी गठबंधन के पास महज सात सीटें ही हैं। शेख हसीना अपने आधिकारिक निवास गोनो भाभन पर मीडिया से वार्ता कर रही थीं। उन्होंने भारत के संदर्भ में कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी और स्थापित पार्टी अपने नेता का चुनाव तक नहीं कर सकी जिसका खामियाजा उसे पिछले लोकसभा चुनावों में उठाना पड़ा।
इसके ठीक विपरीत जब राजीव गांधी ने चुनाव जीता था तब भाजपा के पास सिर्फ दो ही सीटें थीं लेकिन अब वह सत्ता में है। इसलिए हर पार्टी के लिए मौका है यदि वह सही दिशा में काम करती हो। इसके बाद वे मुस्कुरा दीं और वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ता हसीना के इस जवाब पर तालियां बजाने लगे।
तीन को शपथ लेंगे नवनिर्वाचित सांसद, विपक्ष करेगा बहिष्कार
ढाका। बांग्लादेश के नवनिर्वाचित सांसद तीन जनवरी को संसद में शपथ लेंगे और 10 जनवरी तक नई कैबिनेट अपना काम शुरू कर सकती है। जबकि भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद नेता खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नवनिर्वाचित सांसद शपथ नहीं लेंगे। बीएनपी ने चुनाव परिणामों को ‘ढोंग’ बताते हुए दोबारा चुनाव की मांग की थी जिसे चुनाव आयोग ने ठुकरा दिया।
बीएनपी ने चुनाव में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के सांसद बृहस्पतिवार को शपथ नहीं लेंगे क्योंकि उन्होंने परिणामों को पहले ही खारिज कर दिया है। बीएनपी की सहयोगी गोनोफोरम पार्टी के प्रमुख कमाल हुसैन ने कहा, ‘पीएम शेख हसीना के नेतृत्व में आवामी लीग और उसके वफादार चुनाव आयोग ने दुनिया को दिखाया है कि एक स्वतंत्र, संप्रभु देश की चुनावी प्रणाली को कैसे नष्ट किया जाता है।’
आतंकवाद पर भारत को खुश करने की कोशिश की
शेख हसीना ने कहा कि वह कभी यही नहीं सोचती हैं कि वह हमेशा सत्ता में रहेंगी। उन्होंने कहा कि वह तानाशाही और सैन्य शासन को हरगिज स्वीकार नहीं कर सकती हैं। शेख हसीना ने कहा, मैं देश को आजाद सोच के साथ चला रही हूं लेकिन आतंकवाद, नशा और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करूंगी। मैं लोगों को इन बुराईयों से बचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास जारी रखूंगी। शेख हसीना ने आतंकवाद का जिक्र करते हुए जमात-ए-इस्लामी पर निशाना साधा और भारत को एक तरह से खुश करने की कोशिश की। वहीं भ्रष्टाचार के मसले पर उन्होंने बीएनपी पर निशाना साधा।