अनिवार्य फसल बीमा किसानों के साथ मोदी सरकार द्वारा किया गया सबसे बड़ा धोखा है। इस बीमा से किसानों का कम बीमा कंपनियों और बैंकों का ज्यादा फायदा हो रहा है, यह कहना है स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव का। हरियाणा में इन दिनों स्वराज यात्रा निकाल रहे योगेंद्र यादव ने आज फसल बीमा भंडाफोड़ दिवस मनाया और कहा कि इस योजना को किसानों का हित करने के लिए नहीं, बल्कि उन बैंकों का कर्ज डूबने से बचाने के लिए लाया गया है जिन्होंने किसानों को कोई कर्ज दे रखा है।
योगेंद्र यादव के मुताबिक हरियाणा में 2016-17 में अनिवार्य फसल बीमा की शुरुआत की गई थी। उस वर्ष में बीमा कंपनियों ने किसानों से 362 करोड़ रुपये का प्रीमियम कमाया था, जबकि इसी अवधि में केवल 220 करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान किया गया था। यानी इस तरह बीमा कंपनियों को 122 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। किसानों की यह भी शिकायत है कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड से कुछ सामानों की खरीद की थी, इसके बाद उनसे बिना पूछे बीमे की रकम काट ली गई थी।
इसके अलावा कई फसलों को बीमे से बाहर रखा गया है। यानी बीमा केवल उन फसलों का किया गया है जिनसे बीमा कंपनियों और बैंकों का लाभ हो। योगेंद्र यादव ने सरकार से अपील की कि वह किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाए। उनकी इस यात्रा में भारी संख्या में किसान और युवक भाग ले रहे हैं।