सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक न्यूज पोर्टल द वायर और उसके कुछ लेखकों के मुकदमे की निर्णायक सुनवाई के लिए 18 अप्रैल को उपयुक्त पीठ के सामने रखने के निर्देश दिए हैं। इस वेब पोर्टल ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की तरफ से किए गए मानहानि के मुकदमे में गुजरात हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने 8 जनवरी पोर्टल के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की तरफ से जारी समन को खारिज करने से इनकार कर दिया था।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह संविधान पीठ के सामने लंबित पड़े अहम मसलों की सुनवाई में व्यस्त हैं, ऐसे में इस मामले को सुनने के लिए समय की कमी है। चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, इस मामले को निर्णायक निस्तारण के लिए 18 अप्रैल को उपयुक्त पीठ के सामने सूचीबद्ध किया जाए।
इस मामले में पहले दिया गया अंतरिम आदेश सुनवाई की अगली तारीख तक लागू रहेगा। 15 मार्च को चीफ जस्टिस की पीठ ने द वायर न्यूज पोर्टल की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुनवाई की थी और 12 अप्रैल तक पोर्टल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का अंतरिम आदेश पारित किया था।
जयशाह ने पोर्टल के खिलाफ मुकदमा उन खबरों को लेकर किया था, जिनमें भाजपा के 2014 में केंद्र में सत्ता में आने पर उनकी कंपनियों का टर्नओवर असामान्य तेजी से बढ़ने का दावा किया गया था। जय ने पोर्टल की खबरों को झूठा व छवि खराब करने वाला बताते हुए उस पर 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा किया था और इसके लेखकों व संपादकों पर अलग से मुकदमा दर्ज कराया था।