रस्किन बांड की नयी किताब ‘द ब्यूटी ऑफ ऑल माय डेज : अ मेम्वार”
प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड ने अपनी नई किताब ‘‘द ब्यूटी ऑफ ऑल माय डेज : अ मेम्वार” में बहुत सी दिलचस्प घटनाओं का जिक्र किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि वह कभी भी महिलाओं के पसंदीदा पुरुषों की सूची में नहीं रहे।
इस वाकये के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि केवल एक बार उनके जीवन में ऐसा मौका आया जब उन्हें लगा कि उनकी पड़ोसन उनमें दिलचस्पी ले रही है। हालांकि बहुत जल्द उन्हें महसूस हुआ कि वह सिर्फ उनसे अंग्रेजी के व्याकरण और शब्द संरचना को सीखने के लिए उनकी मदद चाहती थी। बॉन्ड ने ताउम्र अविवाहित रहने का फैसला किया था।
उनकी इस किताब का प्रकाशन पेंगुइन रेंडम हाउस इंडिया ने किया है।
अपने जीवन के कुछ और दिलचस्प वाकयों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 22 साल की उम्र में आंखों की समस्या के कारण चश्मा लग गया था। उनके दोस्तों ने उनसे कहा था कि वह पहले से बेहतर दिखते हैं और अब वह लेखक की तरह ज्यादा दिखने लगे हैं।
किताब में उन्होंने फिर प्रख्यात कवि डोरोथी पार्कर के शब्दों को याद किया, “पुरुष शायद ही कभी चश्मा पहनने वाली महिलाओं को ज्यादा तवज्जो देते होंगे।’’ और निष्कर्ष निकाला कि महिलाओं के मामले में यह ठीक उल्टा है।
उन्होंने लिखा, “मेरा मानना है कि मैं कभी महिलाओं को पसंद नहीं आया। मैं अपने लेखन में इतना डूबा हुआ था कि मैं अपने कपड़ों या रूप-रंग को लेकर कोई चिंता नहीं करता था। मेरे कपड़ों की अल्मारी दो जोड़ी ट्राउजर और तीन शर्ट तक सीमित थी।”
बॉन्ड ने किताब में अपने मां-पिता की “खुशहाल नहीं रही शादी” का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने अपने परिजन से भौतिक प्रकृति का कुछ भी विरासत में नहीं पाया लेकिन उन्हें अपने पिता से “बुद्धिमता” और मां से “आत्मीयता” मिली और संभवत: इन दोनों के मिश्रण से वह लेखक बन पाए।
भाषा: इनपुट