प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 2000 रुपये की पहली किश्त पाने वालों में कई लोग ऐसे भी हैं, जिनका खेती से सीधे तौर पर कुछ लेना देना नहीं है। राज्यों को इस चूक को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर बैंक खातों में हस्तांतरित हुआ पैसा वापस लेने को कहा है। केंद्र ने अगली किश्त जारी होने से पहले ऐसे लोगों का नाम हटाने का निर्देश भी दिया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को भेजे गए पत्र में कहा गया कि कई गैर लाभार्थियों के खातों में पहली किश्त हस्तांतरित हो गई है।
राज्य सरकारें सबसे पहले ऐसे नामों को सूची से हटाएं ,जो इसके हकदार नहीं हैं। साथ ही पुख्ता इंतजाम किए जाएं कि ऐसे लाभार्थियों के खाते में दूसरी किश्त हस्तांतरित न हो पाए। राज्य सरकार ऐसे लोगों से पैसा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करे। वापस होने वाली राशि को एक पंजीकृत बैंक के अलग खाते में जमा कराया जाए। मंत्रालय ने मुख्य सचिवों, कृषि सचिवों और नोडल अधिकारियों को पैसा एकत्र होने के बाद Bharatkosh.Gov.in के पास जमा कराने को कहा है।
सरकार मुहैया कराएगी सहायता
अगर गैर-लाभार्थी पैसा लौटाना चाहते हैं तो राज्य सरकारों द्वारा उन्हें सहायता मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि 24 फरवरी को केंद्र सरकार ने योजना के तहत एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में 2000 रुपये की किश्त हस्तांतरित की थी। राज्यों द्वारा भेजी गई इस सूची में कई ऐसे भी लोग थे, जो इसके पात्र नहीं थे। सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना शुरू की थी। इसके तहत दो हेक्टेयर तक जोत वाले किसानों को लाभ देना तय किया गया। इसके तहत 6,000 रुपये छोटे किसानों के खातों में तीन किश्तों में डाले जाएंगे।