18वीं लोकसभा के कार्यकाल के तीन महीने बीत जाने के बाद लगातार सवाल उठ रहे थे कि आखिर संसद की विभाग संबंधी स्थायी समितियों (डीआरएससी) का गठन कब होगा। अब आखिरकार डीआरएससी को अंतिम रूप दे दिया गया है। निचली सदन में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को संसद की एक से अधिक स्थायी समितियों की अध्यक्षता मिली है। पीटीआई ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
किसे किसकी मिली अध्यक्षता?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शिक्षा संबंधी समिति के अध्यक्ष होंगे।
इन्हें भी मिली जिम्मेदारी
इसके अलावा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कृषि संबंधी संसदीय स्थायी समिति का नेतृत्व करेंगे और कोरापुट के सांसद सप्तगिरि उलाका ग्रामीण विकास संबंधी समिति का नेतृत्व करेंगे। बता दें, चन्नी और उलाता को पार्टी द्वारा सामाजिक न्याय को केंद्र में रखते हुए चुना गया है।
गौरतलब है, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शासन में वंचित वर्गों की भागीदारी पर जोर देते रहे हैं और पार्टी संगठन को अधिक समावेशी बनाने का आह्वान करते रहे हैं।
कांग्रेस ने भेजे चार नाम
पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने चार विभाग-संबंधी संसदीय स्थायी समितियों का नेतृत्व करने के लिए चार नेताओं के नाम भेजे हैं, जिनका नेतृत्व करने का काम उसे सौंपा गया है। हालांकि, संसदीय स्थायी समितियों की अध्यक्षता के संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं जारी की गई है। मगर जल्द ही इसके जारी होने की उम्मीद है।
इन समितियों की करेगी अध्यक्षता
कांग्रेस लोकसभा में विदेश मामले, कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज और राज्यसभा में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी विभाग संबंधित स्थायी समिति की अध्यक्षता करेगी। समिति की अध्यक्षता को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया गया। राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश और लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई आम सहमति बनाने के लिए सरकार के साथ बातचीत में शामिल थे।
पहले भी थरूर रह चुके हैं अध्यक्ष
गौरतलब है कि कांग्रेस पांच साल के अंतराल के बाद विदेश मामलों की महत्वपूर्ण समिति की अध्यक्षता करेगी। थरूर सितंबर 2014 से मई 2019 के बीच भी विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। पिछली कार्यकाल में कांग्रेस ने राज्यसभा में दो और लोकसभा में एक विभाग से संबंधित स्थायी समिति की अध्यक्षता की थी।
इस बार भी जयराम रमेश को मिलेगी पुरानी जिम्मेदारी
जयराम रमेश ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी समिति की अध्यक्षता की थी, जबकि अभिषेक सिंघवी ने वाणिज्य संबंधी समिति की अध्यक्षता की। थरूर ने लोकसभा में रसायन एवं उर्वरक संबंधी समिति की अध्यक्षता की। रमेश इस बार भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी स्थायी समिति के सदस्य होंगे, जिसकी अध्यक्षता उन्होंने पिछली बार की थी।
विभाग-संबंधित स्थायी समितियों की अध्यक्षता को लेकर काफी समय से बातचीत चल रही थी, जिसमें सरकार और विपक्ष विदेश मामलों, रक्षा, वित्त और गृह जैसी प्रमुख समितियों के नियंत्रण को लेकर सौदेबाजी कर रहे थे।
बता दें, विभाग-संबंधित स्थायी समितियां विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों से संबंधित होती हैं और उनके बजटीय आवंटन और संसद में पेश किए गए विधेयकों की जांच करती हैं। वे सरकार को महत्वपूर्ण मुद्दों पर विधेयक लाने और नीतियां बनाने की भी सिफारिश करती हैं। कांग्रेस के पास पहले से ही प्रमुख लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के रूप में के सी वेणुगोपाल हैं। जबकि अधिकांश स्थायी समितियां लोकसभा सचिवालय के अंतर्गत आती हैं, कुछ को राज्यसभा द्वारा सेवा प्रदान की जाती है।