ठाणे शहर पुलिस ने एक महिला को उसके पति की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पति पर हमला कर उसे पानी में फेंक दिया गया था, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बच गया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि महिला के प्रेमी और दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। 43 वर्षीय पीड़ित ने कपुरबवडी पुलिस को शिकायत दी कि उसने 2013 में आरोपी महिला से शादी की थी। वह उसकी अवैध संबंधों का विरोध करता था। इस दंपति का एक बच्चा भी है।
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22 सितंबर को करीब ढाई बजे आरोपी महिला ने अपने पति को ठाणे के बालकुम इलाके में बुलाया, जहां उसके प्रेमी और दो अन्य ने उसकी पिटाई की। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को मुंब्रा क्रीक में ले जाकर पानी में फेंक दिया। पीड़ित ने तेज धारा के बीच एक खंभे को पकड़कर अपनी जान बचाई। स्थानीय निवासी और मछुआरों ने उसे बचाकर कलवा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने कहा, 23 सितंबर को मामला दर्ज किया गया और अगले दिन आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला के प्रेमी और दो अन्य की खोज जारी है।
मां का उपचार करने के नाम पर छह लोगों ने की तीन करोड़ की ठगी, मामला दर्ज
नवी मुंबई के एक युवक (22 वर्षीय) से छह लोगों ने छह साल के दौरान तीन करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपियों ने युवक की मां का उपचार करने का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पीड़ित नेरुल निवासी है। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि यह धोखाधड़ी 2019 से फरवरी 2025 के बीच हुई। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मुस्तफा शेख उर्फ कम्बले, आहत शेख, सफीना नानू शेख, नानू शेख, वसीम शेख और रफीक शेख के रूप में हुई है, जो पालघर जिले के सफले के निवासी हैं। आरोप है कि उनहोंने तेजस घोडेकर को भरोसा दिलाया कि उनके पास विशेष शक्तियां हैं और वे उसकी बीमार मां का इलाज कर सकते हैं। तेजस ने उन पर विश्वास करके इस दौरान किस्तों में कुल 3.10 करोड़ रुपये उन्हें सौंप दिए।
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कई बार मांगने पर आरोपियों ने 19 लाख रुपये लौटाए, लेकिन बाकी 2.91 करोड़ रुपये कभी वापस नहीं दिए। जब तेजस ने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके अलावा, आरोपियों ने उसे खाली स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए भी मजबूर किया।
शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, महाराष्ट्र मानव बलि और अंधविश्वास निरोधक अधिनियम, 2013 के तहत भी आरोप लगाया गए हैं। यह कानूनी अंधविश्वासी प्रथाओं के जरिए शोषण को अपराध मानता है।