धोखाधड़ी मामले में समीर वानखेड़े की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ठाणे पुलिस ने बुधवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई अंचल के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े से उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
नवाब मलिक के खिलाफ टिप्पणी करने से इनकार
एक अधिकारी ने यह जानकारी दी कि बुधवार को वानखेड़े अपने वकील के साथ सुबह करीब साढ़े 11 बजे ठाणे के कोपरी पुलिस थाने में अपना बयान दर्ज कराने पहुंचे और उनसे आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई, वे करीब पौने आठ बजे थाने से निकले। उन्होंने नवाब मलिक के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया।
महाराष्ट्र में पुलिस ने 1997 में नवी मुंबई में अपने रेस्तरां और बार के लिए शराब लाइसेंस हासिल करते हुए कथित जालसाजी और जानबूझकर गलत बयानी के आरोप में वानखेड़े के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
नवाब मलिक समीर पर लगाए थे कई आरोप
दिलचस्प बात यह है कि वानखेड़े से पुलिस ने उसी दिन पूछताछ की थी जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ की थी और बाद में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था। एनसीपी नेता मलिक ने इससे पहले वानखेड़े पर सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने सहित कई आरोप लगाए थे।
समीर वानखेड़े ने खटखटाया था बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा
मुंबई एनसीबी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने कथित धोखाधड़ी वाले बार लाइसेंस के खिलाफ ठाणे पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। इसके साथ ही वानखेड़े ने ठाणे कलेक्टर द्वारा रद्द किए गए बार लाइसेंस की बहाली की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक और याचिका दायर की थी।