ठाणे नगर निगम चुनाव में एआईएमआईएम की जीत के बाद नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख का एक भाषण चर्चा का विषय बन गया है। मुंब्रा इलाके से जीतीं 22 साल की सहर शेख ने अपनी जीत के बाद इलाके को "हरा रंग" देने की बात कही थी। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विरोधी पार्टियों का कहना है कि उनके इस बयान में धार्मिक संकेत छिपे हैं।
सहर शेख ने भाषण में क्या कहा था?
सहर शेख ने ठाणे के मुंब्रा इलाके में अपनी जीते के भाषण में कहा था, "अगले पांच वर्षें में मुंब्रा में हर उम्मीदवार एआईएमआईएम का होगा। मुंब्रा को पूरी तरह से हरा रंग दिया जाना चाहिए।" इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद सहर ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उनकी बात सिर्फ उनकी पार्टी के बारे में थी, न कि किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ।
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सहर शेख ने दी सफाई
बुधवार को सहर ने स्पष्ट किया, "मेरी पार्टी के झंडे का रंग हरा है। अगर यह केसरिया होता, तो मैं कहती कि हम मुंब्रा को भगवा रंग देंगे।" हालांकि, शिवसेना नेता शायना एनसी ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सहर को यह साफ करना चाहिए कि वह हरियाली और साफ-सफाई की बात कर रही थीं या फिर धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं।
इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने ठाणे नगर निगम में शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने 131 में से पांच सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई और शिवसेना (यूबीटी) को सिर्फ एक सीट मिली।
एनसीपी (एसपी) पर साधा निशाना
सहर शेख ने अपने भाषण में एनसीपी (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड पर भी निशाना साधा। दरअसल, सहर ने एआईएमआईएम से चुनाव लड़ने का फैसला तब किया जब एनसपी ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया था। सहर ने कहा कि चुनाव नतीजों ने विरोधियों का घमंड तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मुंब्रा के कुछ हिस्सों में 'नाटो' को विरोधी उम्मीदवार से ज्यादा वोट मिले हैं, जो जनता की नाराजगी दिखाता है। उन्होंने ऐलान किया कि अगले पांच वर्षों में एआईएमआईएम मुंब्रा और मुंबई में अपना विस्तार करेगी।
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