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'हॉट बम’ बना बांग्लादेश : बाहरी शक्तियों के दखल ने बढ़ाई चिंता, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका ने गड़ाई निगाह

सार

बांग्लादेश के मौजूदा हालातों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। पड़ोसी देश में अगले महीने चुनाव होने हैं। लेकिन देश में जारी हिंसा ने हालातों को मुश्किल बना दिया है। आंतरिक उथल-पुथल की आशंका को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश को ‘नॉन फेमिली पोस्टिंग’ देश घोषित कर दिया।
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बांग्लादेश में हिंसा के बाद तनावपूर्ण माहौल (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई-पीटीआई
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विस्तार
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बांग्लादेश के अंदरुनी हालात लगातार भारत की चिंता बढ़ा रहे हैं। रणनीतिक, सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। वहां अगले महीने आम चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन उससे पहले आंतरिक उथल-पुथल की आशंका को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश को ‘नॉन फेमिली पोस्टिंग’ देश घोषित कर दिया। वहां से राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

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विदेश मंत्रालय के पूर्व अधिकारी का कहना है कि बांग्लादेश में सब सामान्य नहीं है। पूर्व सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक बांग्लादेश में विदेशी दखल बढ़ रहा है। वहां जेहादी तत्व मजबूत हो रहे हैं और ऐसे में आंतरिक उथल-पुथल या फिर किसी आतंकी हमले की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दिलचस्प घटनाक्रम यह भी है कि बांग्लादेश की क्रिकेट टीम ने भारत में टी-20 क्रिकेट विश्वकप खेलने से मना कर रही है। बांग्लादेश की टीम के निर्णय का पाकिस्तान ने समर्थन किया है। आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप-2026 भारत और श्रीलंका मिलकर आयोजित कर रहे हैं। ‘खेल में कूटनीति’की यह स्थिति भी तंग करने वाली है।

कैसे बन रहा है बांग्लादेश ‘हॉट बम’?
1971 में बांग्लादेश के उदय के साथ भारत का अच्छा पड़ोसी मित्र देश था। पिछले साल वहां प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के अपदस्थ होने के बाद भारत के लिए चुनौतियां काफी बढ़ गईं। बांग्लादेश अब भारत के परंपरागत दुश्मन पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ समीकरण ठीक करने में जुट गया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच में सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों देश रक्षा समझौते भी कर सकते हैं।  चीन के साथ भारत का 1962 से सीमा विवाद है और चीन के साथ बांग्लादेश की अंतरिम युनुस सरकार से रिश्ते ठीक दिशा में बढ़ रहे हैं। चीन चटगांव के पास बंदरगाह विकसित करने की परियोजना पर निगाह गड़ाए है। सिलिगुड़ी क्षेत्र में चिकन नेक एरिया पर भी उसकी निगाह है। भारत ने इस चुनौती को देखते हुए हल्दिया के पास नौसैनिक अड्डा विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। दक्षिण एशिया में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए अमेरिकी एजेंसियों ने भी मौजूदगी बढ़ाई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, सेना के हुक्मरान और बांग्लादेश के बीच में संवाद बढ़ने की सूचना है।
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ऐसे में रणनीतिक, सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों से बांग्लादेश लगातार चिंता बढ़ा रहा है। विदेश मामलों के जानकार रंजीत कुमार और वायुसेना के पूर्व एयरवाइस मार्शल एनबी सिंह कहते हैं कि यह मसला ज्यादा जटिल होता जा रहा है। आने वाले समय में हमें पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश से लगती सीमा पर पूरी चौकसी बरतनी पड़ सकती है। ऐसा हुआ तो सैन्य खर्च में काफी बड़ी बढ़ोत्तरी हो जाएगी और सुरक्षा की चिंता भी बढ़ेगी।
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कट्टरपंथियों का बढ़ रहा है बोलबाला
बांग्लादेश में कट्टरपंथी जमातों का बोलबाला बढ़ रहा है। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने और भारत में शरण लेने के बाद से हालात बहुत बिगड़े। कट्टरपंथी और जेहादी ताकतों के भारत विरोधी अभियान चलाने, अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर टारगेट करके हमला करने के मामले में बढ़ोत्तरी हुई है। माना जा रहा है कि जमात-ए-इस्लामी और भारत विरोधी खालिस्तान समर्थक संगठनों के बीच रिश्ते पनप रहे हैं। इसके अलावा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी बांग्लादेश की जमीन को अपने तरीके से इस्तेमाल कर सकती है। जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश, हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी बांग्लादेश, बांग्लादेश छात्र लीग(बीएसएल) जैसे संगठन खुलकर भारत विरोधी भाषा बोलने लगे हैं। बांग्लादेश में बदलते हालात पर भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कार्यालय काफी सतर्क है। 

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