न्यायाधीश ने आदेश में कहा, मामले के तथ्यों पर गौर करने और ‘बार’ में विरोधी पक्ष की ओर से दाखिल प्रतिवेदनों से स्पष्ट है कि आरोपी 27 अक्तूबर 2022 से हिरासत में है। जमानत एक नियम और कारागार एक अपवाद है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले एक अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के आरोपी को यह कहते हुए जमानत दे दी कि सुनवाई से पहले की हिरासत को सुनवाई से पहले की सजा नहीं बना देना चाहिए। ठाणे की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रचना तेहरा ने 27 अक्तूबर 2022 को रबाले से गिरफ्तार किए गए आरोपी को जमानत दे दी।
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अभियोजन पक्ष ने कहा कि घटना एक दुकान के बाहर शराब के नशे में किए गए झगड़े के दौरान हुई थी, जब आरोपी ने 20 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। न्यायाधीश ने आदेश में कहा, मामले के तथ्यों पर गौर करने और ‘बार’ में विरोधी पक्ष की ओर से दाखिल प्रतिवेदनों से स्पष्ट है कि आरोपी 27 अक्तूबर 2022 से हिरासत में है। जमानत एक नियम और कारागार एक अपवाद है।