फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: 'ठाकरे सिर्फ नाम नहीं, मराठी मानुष की पहचान', उद्धव ठाकरे का भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा वार

Sat, 19 Jul 2025 12:11 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे, शिवसेना यूबीटी प्रमुख - फोटो : ANI
विज्ञापन
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि ठाकरे सिर्फ एक ब्रांड नहीं बल्कि महाराष्ट्र, मराठी मानुष और हिंदू गौरव की पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें इसे मिटाने की साजिश रच रही हैं। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने चुनाव आयोग, भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी सीधा हमला बोला।
विज्ञापन


पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग पार्टी का चुनाव चिन्ह फ्रीज कर सकता है या किसी और को दे सकता है, लेकिन ठाकरे नाम जो उनके दादा केशव ठाकरे और पिता बाला साहेब ठाकरे ने गढ़ा, वह किसी और को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी की जड़ें महाराष्ट्र की मिट्टी में गहराई तक फैली हुई हैं और ठाकरे परिवार की पहचान मराठी मानुष से पीढ़ियों पुरानी है।

ठाकरे नाम को मिटाने की साजिश
उद्धव ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ठाकरे की पहचान को मिटाने की कोशिशें की जा रही हैं क्योंकि कुछ लोगों को लगता है कि सत्ता में वही रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने ऐसा करने की कोशिश की लेकिन वे खुद खत्म हो गए। ठाकरे ने इस दौरान ‘ठाकरे ब्रांड’ को मराठी और हिंदू अस्मिता से जोड़ा।
विज्ञापन


शिविभाजन को लेकर दोबारा साधा निशाना
ठाकरे ने कहा कि जिन लोगों ने कुछ भी नहीं बनाया, जो 100 वर्षों से किसी भी क्षेत्र में कोई आदर्श स्थापित नहीं कर पाए, वे आज ठाकरे ब्रांड चुराने की कोशिश कर रहे हैं। यह टिप्पणी सीधे तौर पर भाजपा और आरएसएस पर हमला मानी जा रही है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि नाम और पहचान को चुराना आसान नहीं है।



ये भी पढ़ें- MCOCA मामलों पर शीर्ष अदालत सख्त: SC ने पूछा- क्यों नहीं बने विशेष कोर्ट? पार्षद हत्या केस में तय की डेडलाइन

चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम चुनौती
चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित कर उसे धनुष-बाण चिन्ह दे दिया था, जबकि उद्धव गुट को शिवसेना (यूबीटू) नाम और मशाल का चुनाव चिन्ह मिला। अब ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और अगली सुनवाई 11 अगस्त को होनी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पटना के अस्पताल में हत्या मामले में कार्रवाई, बंगाल के न्यू टाउन से पांच गिरफ्तार

लोगों का विश्वास कोई नहीं चुरा सकता: उद्धव ठाकरे
इंटरव्यू के अंत में उद्धव ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा कि आप किसी पार्टी का चुनाव चिन्ह चुरा सकते हैं लेकिन जनता के प्यार और विश्वास को नहीं चुरा सकते। उन्होंने यह भी कहा कि वह, उनके बेटे आदित्य और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे सभी ठाकरे ब्रांड को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें