किरीट सौमेया, भाजपा नेता (फाइल फोटो)
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उद्धव ठाकरे पर लग रहे आरोप से शिवसेना परेशान हो गई है। शिवसेना को लगता है कि भाजपा नेता किरीट सोमैया शांत बैठने वाले नहीं हैं। ठाकरे परिवार पर जारी उनके हमले को देखते हुए शिवसेना सोमैया पर मानहानि का दावा करने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही है।
भाजपा के पूर्व सांसद सोमैया ठाकरे परिवार पर लगातार गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों पर शिवसेना की तरफ से कोई जवाब भी नहीं दिया जा रहा है, जिससे शिवसेना कार्यकर्ता भी हैरान हैं। इसलिए सोमैया पर कानूनी प्रहार पर विचार किया जा रहा है। शिवसेना नेता चाहते हैं कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले। शिवसेना के कुछ नेता इस बारे में नामचीन वकीलों से भी सलाह ले रहे हैं।
सोमैया के आरोप
सोमैया ने उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मी ठाकरे का अन्वय नाईक परिवार से आर्थिक लेनदेन का खुलासा करते हुए चुनावी हलफनामे में 5.29 करोड़ रुपए की संपत्ति छुपाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा ब्रिटिश शासन में 99 साल की लीज पर दी गई महाकाली गुफा की जमीन का लीज 999 साल बढ़ाने और गुफा के आदिकालीन मंदिर की जमीन का बिल्डरों के साथ सौदा करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि ठाकरे सरकार ने गुफा की करोड़ों रुपए की जमीन का टीडीआर बिल्डर विनोद गोयनका, शाहिद बलवा और अविनाश भोसले को देने का फैसला किया है।
चुनाव आयोग से संपत्ति छुपाने की शिकायत
किरीट सोमैया ने सोमवार को चुनाव आयोग से उद्धव ठाकरे पर चुनावी हलफनामे में संपत्ति छुपाने की शिकायत की है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी बलदेव सिंह से की शिकायत में उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री ठाकरे ने पांच करोड़ की अपनी संपत्ति छुपाई है। यह जमीन रश्मि ठाकरे ने अन्वय नाईक से कोर्लई गांव में खरीदी थी, लेकिन 9 मई को दिए चुनावी हलफनामे में इसका जिक्र नहीं किया गया। इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।