लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, वाइस एडमिरल बी दासगुप्ता, एयर मार्शल डीके पटनायक और लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह सहित इन कमांडों के प्रमुखों ने पिछले हफ्ते शिलांग में मुलाकात की थी।
अरुणाचल प्रदेश से हिंद महासागर रेंज तक चीन के मोर्चे पर भारतीय सुरक्षा बल अपनी परिचालन तैयारियों को और मजबूत कर रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय रक्षा बलों की चार ऑपरेशनल कमांड चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए आपस में संयुक्तता और एकीकरण बढ़ाने के कदमों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए हैं।
विज्ञापन
इन चारों कमांड को चार कमांड को 'टेट्रा' कहा जा रहा है। इसमें कोलकाता स्थित पूर्वी सेना कमान, विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना, शिलांग स्थित पूर्वी वायु सेना और पोर्ट ब्लेयर स्थित देश की एकमात्र परिचालन त्रि-सेवा अंडमान और निकोबार कमान शामिल हैं।
एकीकृत थिएटर कमांड के निर्माण की दिशा में देखा जा रहा ये कदम
इन चारों कमांडों के इस कदम को एकीकृत थिएटर कमांड के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। लगभग तीन साल पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने सैन्य मामलों के विभाग और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के कार्यालय की स्थापना के साथ इसकी कल्पना की थी।
विज्ञापन
शिलांग में सैन्य अधिकारियों ने की मुलाकात
इसी क्रम में लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, वाइस एडमिरल बी दासगुप्ता, एयर मार्शल डीके पटनायक और लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह सहित इन कमांडों के प्रमुखों ने पिछले हफ्ते शिलांग में मुलाकात की थी। उत्तरी मोर्चे पर चुनौतियों से निपटने के लिए उनके बीच संयोजित और एकीकृत दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और संयोजन में मतभेदों और बाधाओं को दूर करने के तरीकों पर चर्चा की गई थी।
केंद्र ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को किया है मजबूत
गौरतलब है कि चारों कमांड देश की सुरक्षा के लिए उत्तर पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बीच में बंगाल की खाड़ी के साथ देश के सबसे दक्षिणी भूभाग तक की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। इन सभी क्षेत्रों में चीनी पक्ष से एक समान खतरा है। चीन के साथ दो साल पहले शुरू हुए सैन्य गतिरोध के मद्देनजर भारतीय सुरक्षा बल उच्च स्तरीय परिचालन तैयारियों में लगे हुए हैं। केंद्र ने पिछले कुछ वर्षों में बल और बुनियादी ढांचे के निर्माण के मामले में पूर्वोत्तर क्षेत्र को भी काफी मजबूत किया है।
दो साल से जारी है सैन्य गतिरोध
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सेक्टर में पिछले दो साल से सैन्य गतिरोध चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच मुद्दों को सुलझाने के लिए वरिष्ठ कमांडरों के स्तर पर बातचीत चल रही है, लेकिन भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के किसी भी दुस्साहस को रोकने के लिए सतर्क है और अपनी तैयारियों को बढ़ा रहा है।