भारतीय सेना एक अलग कार्यक्रम के तहत 295 और हल्के टैंक खरीदेगी। इसके लिए छह से सात कंपनियां अपने हल्के टैंक पेश कर रही हैं। अधिकारी ने कहा, भारतीय सेना की ओर से लद्दाख सेक्टर में गतिशीलता और युद्धाभ्यास क्षमताओं में सुधार के लिए लाइट टैंक परियोजना शुरू की है।
हल्के टैंक जोरावर का परीक्षण शुरू हो चुका है। डीआरडीओ की ओर से इसके इस साल अप्रैल तक आगे के परीक्षण के लिए सेना को सौंपे जाने की संभावना है। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि टैंक को 100 किमी से अधिक दूरी तक ले जाया जा चुका है। सेना ने 59 जोरावर लाइट टैंकों के उत्पादन और आपूर्ति का ऑर्डर डीआरडीओ को दिया है, जो अपने साझेदार लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के साथ इनका उत्पादन कर रहा है। इस लाइट टैंक को पहले रेगिस्तान और ऊंचाई वाले स्थानों पर परीक्षण के लिए दिसंबर तक सेना को सौंपा जाना था, लेकिन जर्मनी से इंजन आपूर्ति में देरी के कारण परियोजना में देरी हुई।
खरीदे जाने हैं 295 और टैंक
विज्ञापन
भारतीय सेना एक अलग कार्यक्रम के तहत 295 और हल्के टैंक खरीदेगी। इसके लिए छह से सात कंपनियां अपने हल्के टैंक पेश कर रही हैं। अधिकारी ने कहा, भारतीय सेना की ओर से लद्दाख सेक्टर में गतिशीलता और युद्धाभ्यास क्षमताओं में सुधार के लिए लाइट टैंक परियोजना शुरू की है। लद्दाख सेक्टर में चीन ने भी बड़ी संख्या में हल्के टैंक तैनात किए हैं।
ऊंचे स्थानों पर आसानी से चलने में सक्षम
चीन के खतरों से निपटने के लिए भारतीय सेना ने समान क्षमताएं रखने का विचार किया है। इस परियोजना को हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद की ओर से मंजूरी दी गई थी। डीआरडीओ एलएंडटी के साथ मिलकर 25 टन वजनी हल्के टैंक बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। ये टैंक ऊंचे पहाड़ी इलाकों में तेजी और आसानी से चलने में सक्षम हैं। यह प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया पहल के तहत शुरू किया गया है।