आतंकी संगठन आईएस से प्रभावित तमिलनाडु मॉड्यूल के गिरफ्तार तीन कथित आतंकियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इन्होंने पुलिस को बताया कि वह हैंडलर से कॉल व व्हाट्सएप से नहीं बल्कि मैसेजिंग एप के जरिये बात करते थे।
इस एप पर मैसेज के जरिए बात होती है। विदेशी हैंडलर ने इनसे कॉल व व्हाट्सएप कॉल करने के लिए मना किया था। वह विदेशी हैंडलर के निर्देश पर काम करते थे और उसके कहने पर ही वह दिल्ली आए थे।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद कथित आतंकी ख्वाजा मुईदीन (52), सैयद अली नवाज (32) और अब्दुल समद उर्फ नूर (28) को बृहस्पतिवार सुबह वजीराबाद इलाके से गिरफ्तार किया था। इनका सरगना ख्वाजा मुईदीन है। विदेशी हैंडलर से वही बात करता था। अब्दुल समद तकनीकी रूप से मजबूत है।
अत: विदेशी हैंडलर से मैसेजिंग एप के जरिये वही बात करता था। वह ख्वाजा मुईदीन के कहने पर बात करता था। विदेशी हैंडलर ने दिल्ली में रैकी करवा ली थी। आरोपियों को दिल्ली में सिर्फ वारदात को अंजाम देना था।
आरोपियों ने पुलिस को बताया उन्हें ये पता नहीं होता था कि आगे क्या करना है और कहां जाना है। विदेशी हैंडलर जो कहता था आरोपी वही करते थे।
आरोपियों का कहना है कि उन्हें पता नहीं है कि दिल्ली में क्या करना था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया है।
स्पेशल सेल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुजरात से इनके चौथे साथी जफर को पकड़ लिया गया है। गुजरात पुलिस ने दिल्ली पुलिस की सूचना पर जफर को गिरफ्तार किया है।