पाकिस्तान के आतंकी संगठनों ने लोकसभा चुनाव के मतों की गिनती वाले दिन विजयी उम्मीदवारों द्वारा निकाले जाने वाले जुलूस या रोड शो को निशाना बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा काउंटिंग सेंटरों के बाहर जो भीड़ जमा होती है, वहां भगदड़ जैसी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को जो इनपुट मिले हैं, वे अच्छे नहीं हैं। पहले सीमा पार के इन्हीं आतंकी समूहों ने दिल्ली और कई दूसरे शहरों में मतदान के दौरान हमले करने की साजिश रखी थी।
सुरक्षा बलों की कड़ी चौकसी के चलते वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। अब उन्हीं आतंकी समूहों ने 23-24 मई को वोटों की गिनती के बाद निकाले जाने वाले विजयी जुलूस को टारगेट करने की नापाक योजना बनाई है। खुफिया एजेंसियों की सलाह पर गृह मंत्रालय ने राज्यों के लिए जो अलर्ट जारी किया है, उसमें करीब 170 संवेदनशील काउंटिंग सेंटरों की सूची भी दी है। इन जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन वोटों की गिनती के दौरान हमले को अंजाम दे सकता है। अलर्ट में वीवीआईपी लोगों के आवास और संवेदनशील सरकारी भवनों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। हालांकि चुनाव के दौरान भी इस संगठन ने हमले करने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा बलों की चौकसी के चलते वे अपना टारगेट पूरा नहीं कर सके। इंडियन मुजाहिदीन ने दिल्ली में चुनाव के दौरान सीरियल ब्लास्ट की योजना बनाई थी।
यह साजिश रचने के पीछे इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकी रियाज भटकल और सऊदी अरब स्थित उसके साथी सैफुल्लाह उर्फ सैफी का नाम सामने आया था। इसके अलावा पाकिस्तान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी भी मुंबई हमले की तर्ज पर दिल्ली और दूसरे मेट्रो सिटी में हमले करने की फिराक में था। जैश-ए-मोहम्मद भी दिल्ली के चुनाव पर आतंकी साया डालना चाहता था। इनपुट के आधार पर पता चला है कि यह संगठन कम से कम एक आतंकी स्ट्राइक दिल्ली चुनाव पर करना चाहता था। लश्कर-ए-तैयबा ने चुनाव में अशांति फैलाने का प्रयास किया, लेकिन यह भी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका।
अब इन संगठनों ने 23-24 मई को निकलने वाले विजयी जुलूस को टारगेट किया है। सुरक्षा एजेंसी के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि आतंकी संगठनों के बाबत जो भी इनपुट मिले हैं, इस बाबत सभी राज्यों की खुफिया इकाई और पुलिस को सूचित कर दिया है। बम डिस्पोजल दस्ते तैनात किए जा रहे हैं। खासतौर पर, आईबी और संबंधित राज्यों की खुफिया इकाइयों को काउंटिंग सेंटरों के बाहर लगा दिया गया है। ये टीमें 23-24 मई को काउंटिंग सेंटरों के अलावा संबंधित क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखेंगी। लोगों को भड़काने वालों पर खास नजर रखी जा रही है।