टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद शाहिद यूसुफ को राष्ट्रीय जांच सुरक्षा (एनआईए) एजेंसी की विशेष अदालत ने 27 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा दिया है।
शाहिद सऊदी अरब में रह रहे हिजबुल आतंकी एजाज अहमद भट्ट के संपर्क में था, उसपर घाटी में आतंकी घटनाओं के लिए फंड जुटाने और उनको बढ़ावा देने का आरोप है।
शाहिद जम्मू कश्मीर के सिंचाई विभाग में काम करता है। शाहिद ने मान लिया है कि उसने एजाज को वेस्टर्न यूनियन के जरिए पैसे ट्रांसफर किए थे। NIA का कहना है कि फंड सऊदी और भारत दोनों तरफ से ट्रांसफर हुए थे।
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जो पैसा ट्रांसफर हुआ वह कथित रूप से हिजबुल को फंड देने के लिए था, यह पैसा 2011, 2012, 2013 और 2014 में यूसुफ को चार किश्तों में भेजा गया था। एनआईए के मुताबिक, दोनों ने कई बार फोन पर भी बात की थी।
2011 के टेरर फंडिंग केस में छह और आरोपी भी थे। जिसमें से चार (गुलाम मोहम्मद भट्ट, मोहम्मद सादिक गनी, गुलाम जिलानी लीलू, अहमद डग्गा) तिहाड़ में बंद हैं और बाकी दो (मोहम्मद मकबूल पंडित और एजाज भट्ट) फरार हैं।