मिजोरम में भारत-म्यांमार सीमा से सटे जंगलों में पिछले 36 घंटे से लगी आग अब राज्य की राजधानी के करीब पहुंच गई है। राज्य के 11 में से पांच जिले आग की चपेट में हैं। वायुसेना के हेलिकॉप्टर आग बुझाने में जुटे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा से आग से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
म्यांमार सीमा से जुटे ल्वांगलाई जिले में 12 घरों के आग की चपेट में आने की जानकारी मिली है। आग राज्य के कुल 110 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में फैली हुई है।
राज्य आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार की मदद मांगी है और भारतीय वायुसेना से भी गुहार लगाई है।
उधर, केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर वायुसेना ने बचाव अभियान चलाने और आग बुझाने के लिए अपने दो हेलिकॉप्टर लुंगलेई और उसके आसपास के क्षेत्रों में तैनात किए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने कहा कि नुकसान कके विस्तृत ब्योरे का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि लुंगलेई में आग ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आग लगने के कारणों की राज्य सरकार जांच कराएगी। आग के मानव जनित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रदेश के वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री टीजे लालनुनतलुंगा और सेरलुई विधानसभा के विधायक लालरिनसांगा राल्ते रविवार को हालात का जायजा लेने के लिए लुंगलेई पहुंच गए हैं। लुंगलेई के अलावा आग ने सर्छिप, ल्वांगतलाई और हन्नातलाई जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आग बुझाने के लिए असम राइफल्स और बीएसएफ के जवान भी दमकलकर्मियों की मदद कर रहे हैं।