फासीवाद नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालों को साजिशकर्ता बताना, सबसे बड़ी साजिश है। वामपंथी कवि और लेखक वरवरा राव ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी से राहत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को राव को वापस उनके घर ले जाया गया, जहां वे नजरबंद रहेंगे।
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए राव ने कहा कि कोरेगांव-भीमा में दलितों और सवर्ण मराठों के बीच संघर्ष के लिए मामला मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बजाय केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ दर्ज किया जाना चाहिए।
राव ने कहा कि यह एक झूठा मामला है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत देते हुए उनके साथ सभी पांच वामपंथी कार्यकर्ताओं को अगले आदेश तक घर में नजरबंद रखने का आदेश दिया था। वह 5 सितंबर तक घर में नजरबंद रहेंगे। अब अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी।