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सबरीमाला: दर्शन के लिए आईं 11 महिलाओं को वापस लौटाया, भाजपा नेता बैठी भूख हड़ताल पर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 23 Dec 2018 02:33 PM IST

सार

  • सबरीमाला में एक संगठन से 11 महिलाएं दर्शन के लिए आईं।
  • महिलाओं के सामने अयप्पा श्रद्धालु कर रहे प्रदर्शन।
  • कई श्रद्धालुओं को हिरासत में लिया गया।
  • कोर्ट के फैसले के विरोध में भूख हड़ताल भी जारी।
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sabarimala - फोटो : ANI


चेन्नई स्थित मैनिथी नामक संगठन से आने वाली ये महिलाएं अब पंबा में सड़क पर बैठ गई हैं। इनकी सुरक्षा के लिए वहां पुलिस भी मौजूद है। पथानामथिट्टा जिले के मजिस्ट्रेट ने तनाव को देखते हुए 27 दिसंबर तक धारा 144 बढ़ा दी है। महिलाओं के इस समूह के आगे अयप्पा श्रद्धालु प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे कई श्रद्धालुओं को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है।

  भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा नक्सली दिमाग वाले लोग महिलाओं को भड़का रहे हैं। आज यहां अशांति का डर बना हुआ है। स्वामी ने कहा कि ये लोग हिंदू धर्म से घृणा करने वाले हैं और कम्युनिस्ट सरकार द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए।


पंबा में स्पेशल अफसर शाजी सुगुनान ने कहा कि यहां 11 महिलाओं का समूह मंदिर में दर्शन के लिए आया था लेकिन उन्हें अन्य श्रद्धालुओं ने रोक लिया। महिला श्रद्धालु अब लौट रही हैं। हम बलों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इससे कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।


भाजपा नेता सोभा सुरेंद्रम भी कोर्ट के फैसले के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठी हैं।


बता दें सबरीमाला मंदिर में 10-50 आयु वर्ग की महिलाओं के आने पर बहुत पुराने समय से प्रतिबंध लगा हुआ है। लेकिन देश के सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला देते हुए सभी महिलाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया। 28 सितंबर को आए इस फैसले के बाद से ही कई महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहीं। उसी दिन से यहां कोर्ट के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। 


11 महिलाओं के समूह में से एक महिला थिलाकावाथी का कहना है, "हम तब तक प्रदर्शन करेंगे जब तक हमें मंदिर के अंदर भगवान अयप्पा के दर्शन नहीं करने दिया जाता। पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमें वापस जाने को कहा लेकिन हम नहीं जाने वाले। हमारे समूह के अन्य सदस्य भी जल्द आने वाले हैं। पंबा के स्थानीय मंदिर के पुजारी हमें समर्थन नहीं दे रहे और परंपरा के हिसाब से हमें पूजा नहीं करने दी जा रही है।"


परंपरागत पोशाक में आई इन महिलाओं ने मंदिर में दर्शन के लिए पुलिस से सहायता की भी मांग की है। पंबा जो कि मंदिर से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, वहां भीड़ के आने की भी सूचना है। पुलिस ने अब इस समूह के प्रतिनिधि से बात करने का फैसला किया है। तनाव इसलिए अधिक बढ़ गया है क्योंकि इन महिलाओं ने कहा है कि उनके संगठन से 50 महिलाएं रविवार को दर्शन के लिए मंदिर पहुंचेंगी। समूह में से एक महिला का ये भी कहना है कि उनके समूह में ओडिशा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु की महिलाएं भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह केरल के मुख्यमंत्री ऑफिस को पहले ही लिखकर इस बात की सूचना दे चुकी हैं। 

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