विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की देश वापसी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भले कम हो गया हो लेकिन खत्म नहीं हुआ है। सरकार को इंतजार है कि भारत की ओर से रखी गई शर्त के मुताबिक पाकिस्तान आतंकवादी और आतंकी संगठनों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई कब करता है। उच्चपदस्त सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर पाकिस्तान की ओर से जल्द इस बावत गंभीरता केसंकेत नहीं मिले तो भारत नए सिरे से कार्रवाई केविकल्प पर अमल कर सकता है।
सूत्रों ने बताया कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना अभी भी हाई एलर्ट पर हैं। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर दोनों तरफ से जबरदस्त फायरिंग जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक शनिवार को भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो जवान मारे गए हैं। सूत्रों ने बताया कि एलओसी पर हालात आम तौर पर संघर्ष विराम उल्लंघन की स्थिति से अलग है। दोनों तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे हथियार और गोला बारूद का स्तर बढ़ा दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखने के लिए सभी कूटनीतिक उपाए जारी हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर पर बैकचैनल बातचीत की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान सरकार की ओर से भी इस बातचीत को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। इस दौरान भारत की ओर से फिर साफ तौर पर कहा गया है कि पाकिस्तान मसूद अजहर के खिलाफ सबूत का बहाना नहीं बनाए।
इस मामले से जुड़े नीतिकारों की सरकार को सलाह है कि फिलहाल आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर जिस तरह से अलग थलग पड़ गया है उसका फायदा उठाना चाहिए। लिहाजा पाकिस्तान को साफ तौर पर कहा गया है कि तनाव के बादल तबतक नहीं छटेंगे जबतक उनकी तरफ से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर उसके पक्के सबूत नहीं दिए जाते।