मेघालय की राजधानी शिलांग में बृहस्पतिवार को एक बस खलासी के साथ स्थानीय लोगों की मारपीट के चलके भड़की हिंसा ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया है। हिंसा के तीन दिन बीत जाने के बाद भी तनाव कायम है। इससे पहले, शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में हिंसक झड़पें हुईं।
शहर के पुलिस अधीक्षक स्टीव रिंजाह समेत कम से कम 10 लोग घायल हो गए। हालात को ध्यान में रखते हुए सेना को सतर्क कर दिया गया है। तनाव को ध्यान में रखते हुए शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों के कई वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानें भी जला दीं। इस मामले में अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच, खासी छात्र संघ समेत विभिन्न संगठनों ने थेम मोटर इलाके से जहां हिंसा भड़की थी वहां से अवैध रूप से बसने वाले लोगों को हटाने की मांग की है। उन्होंने हिंसा के दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की भी मांग की है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने यहां एक उच्च-स्तरीय बैठक में परिस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से शांति बहाल करने की अपील की है।
दरअसल, शुक्रवार को सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली कि जिस बस खलासी के साथ मारपीट हुई थी उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया है। उसके बाद शुक्रवार शाम विभिन्न इलाकों में हिंसा भड़क उठी।
शनिवार को उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए कई इलाकों में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। उसके बाद प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी। इस दौरान ईस्ट खासी हिल्स के उपायुक्त पीएस खार ने बताया कि सेना को सतर्क कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों में उसे फ्लैग मार्च करने को भी कहा जा सकता है।