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Manipur Violence: मणिपुर में हैवानियत का वीडियो वायरल; दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया, अब तक चार गिरफ्तार

Wed, 19 Jul 2023 10:29 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर इन दिनों जातीय हिंसा की चपेट में है, लेकिन अब एक वीडियो को लेकर मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में तनाव फैल गया है जिसमें दो महिलाओं को नग्न करके घुमाया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
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विस्तार
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मणिपुर इन दिनों जातीय हिंसा की चपेट में है, लेकिन अब एक वीडियो को लेकर मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में तनाव फैल गया है जिसमें दो महिलाओं को नग्न करके घुमाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो चार मई का है और दोनों महिलाएं कुकी समुदाय से हैं, वहीं जो लोग महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमा रहे हैं वो सभी मैतई समुदाय से हैं। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आदिवासी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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महिलाएं लगा रहीं छोड़ने की गुहार
इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम के मुताबिक यह घटना राज्य की राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले में 4 मई को हुई। वहीं इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार भी नहीं किया गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुरुष असहाय महिलाओं के साथ लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं जो रो रही हैं और उनसे छोड़ने की गुहार लगा रही हैं। 

आईटीएलएफ के एक प्रवक्ता ने इस घृणित कृत्य की निंदा करते हुए मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें, राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अपराध का संज्ञान लें और दोषियों को कानून के सामने लाएं। वहीं कुकी समुदाय गुरुवार को चुरचांदपुर में प्रस्तावित विरोध मार्च के दौरान इस मुद्दे को भी उठाने की योजना बना रहे हैं। 
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मणिपुर राज्य में तीन मई से इंफाल घाटी में केंद्रित बहुसंख्यक मैतेई और पहाड़ियों पर कब्जा करने वाले कुकी लोगों के बीच जातीय झड़पें हो रही हैं। हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। अनुसूचित जनजाति में मैतेई को शामिल करने के कथित कदम के खिलाफ अखिल जनजातीय छात्र संगठन मणिपुर द्वारा ‘जनजाति एकजुटता रैली' आयोजित किये जाने के बाद हिंसा बढ़ गई। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।

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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI
संघर्षरत समूहों के पास अब भी 3,000 हथियार, 6 लाख से अधिक बुलेट
पिछले करीब डेढ़ महीने से जातीय संघर्ष की आग में जल रहे मणिपुर में प्रतिबंधित आतंकी समूह फिर से सिर उठा सकते हैं क्योंकि युद्धरत समुदायों के पास छह लाख से अधिक गोलियां और लगभग 3,000 हथियार अब भी हैं। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दी है। अधिकारियों ने कहा कि मई में पुलिस के शस्त्रागार से लापता हथियारों में .303 राइफलें, मीडियम मशीन गन (एमएमजी) और एके असॉल्ट राइफलें, कार्बाइन, इंसास लाइट मशीन गन (एलएमजी), इंसास राइफल, एम-16 और एमपी5 राइफलें थीं। इनके अलावा, 3 मई से पुलिस और अन्य सुरक्षा अधिकारियों पर किए गए हमलों के दौरान लगभग 6 लाख गोलियां गायब पाई गईं। इन हमलों में अब तक 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। 

अधिकारियों ने कहा कि लगभग 4,537 हथियार और 6.32 लाख गोला-बारूद मुख्य रूप से पूर्वी इंफाल के पांगेई में मणिपुर पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (एमटीपीसी), 7वीं इंडिया रिजर्व बटालियन और 8वीं मणिपुर राइफल्स, से गायब हैं। अधिकारियों के मुताबिक, चुराए गए हथियारों में से 2,900 घातक श्रेणी के थे, जबकि अन्य में आंसूगैस और मिनी फ्लेयर बंदूकें शामिल थीं। विशेषज्ञों ने कहा, मौजूदा संघर्ष की वजह से लगभग निष्क्रिय हो चुके प्रतिबंधित आतंकी संगठनों ने फिर सक्रिय हो गए हैं, जिनमें यूनाइटेड नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (यूएनएलएफ), पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए), कांग्लेई यावोल,कांग्बा लूप (केवाईकएल) और पीपुलस रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांग्लेईपाक (पीआरईपीएके) हैं।
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