कर्नाटक के मंगलुरु में बंटवाल के पास कोलथामजालु इलाके में एक 35 वर्षीय पिकअप ट्रक चालक की हत्या कर दी गई। घटना के बाद बुधवार को दक्षिण कन्नड़ जिले के कुछ हिस्सों में तनाव बढ़ गया। इस घटना पर लोगों ने तीव्र सांप्रदायिक प्रतिक्रिया दी है। जिसके कारण प्रशासन को शांति बनाए रखने के लिए कई तालुकों में पाबंदियों का एलान करना पड़ा है।
अब्दुल रहीम उर्फ इम्तियाज की मंगलवार को हमलावरों के एक समूह ने उस समय कथित तौर पर हत्या कर दी, जब वह इरा कोडी के पास एक स्थान पर पिकअप वाहन से रेत उतार रहा था। पुलिस ने बताया कि तलवार से हमले में घायल हुए एक अन्य व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रहीम की मृत्यु के बाद से क्षेत्र में व्यापक आक्रोश फैल गया है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर, जहां कई लोगों ने दावा किया है कि यह हत्या हिंदू कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या का बदला लेने के लिए की गई कार्रवाई थी। मंगलवार की शाम को, रहीम के शव को पोस्टमार्टम के लिए येनेपोया अस्पताल ले जाने से पहले, मंगलुरु के हाईलैंड अस्पताल के पास भीड़ जमा हो गई।
उधर, प्रशासन ने तनाव बढ़ता देख भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत 30 मई को शाम 6 बजे तक बंटवाल, पुत्तूर, बेलथांगडी, सुलिया और कदबा तालुकों में बड़ी सभाओं पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंगलुरु सिटी कमिश्नरेट क्षेत्राधिकार के अंतर्गत मंगलुरु तालुक में भी एक अलग निषेधाज्ञा जारी की गई है। सामुदायिक नेताओं ने आरोप लगाया है कि रहीम की हत्या पूर्वनियोजित और घृणा भरे भाषण से प्रेरित थी। मंगलवार को येनेपोया अस्पताल के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए, एसडीपीआई के जिला अध्यक्ष अनवर सदाथ ने दावा किया, "रहीम एक मेहनती युवक था, किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं था।"
उधर, तनाव बढ़ने के बाद अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से जांच के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है। दक्षिण कन्नड़ के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस तैनाती जारी है। आवाजाही पर नजर रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए चौकियां बनाई गई हैं।