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दुनिया तेजी से हो रही गर्म: टूट रहे रिकॉर्ड, धरती के करीब 40% हिस्से में दर्ज किया गया सर्वाधिक दैनिक तापमान

Fri, 31 May 2024 05:19 AM IST
शिव शरण शुक्ला अमर उजाला रिसर्च डेस्क

सार

भारत में वार्षिक औसत तापमान 1900 के स्तर की तुलना में लगभग 0.7 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। यह दुनियाभर में औसत भूमि तापमान में 1.59 डिग्री वृद्धि से काफी कम है। यदि महासागरों को भी इसमें शामिल किया जाए तो वर्तमान में वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक औसत से कम से कम 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
 
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तापमान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत ही नहीं पूरी दुनिया में गर्मी के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। में नहीं, दुनियाभर में तापमान के रिकॉर्ड टूट रहे हैं।  ब्रिटेन में जुलाई 2022 में पहली बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार किया। चीन के उत्तर-पश्चिम में एक छोटे से शहर में पिछले साल 52 डिग्री पारा पहुंचा, जो उस देश के लिए अब तक का सबसे अधिक तापमान था। 2021 में इटली के सिसिली में 48.8 डिग्री पारा पहुंचा, जो यूरोप में सर्वाधिक रहा।

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ये सिर्फ कुछ उदाहरण हैं। जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित ब्रिटेन स्थित प्रकाशन कार्बन ब्रीफ के पिछले वर्ष के विश्लेषण से पता चलता है कि 2013 से 2023 के बीच पृथ्वी के करीब 40 फीसदी हिस्से में अब तक का सर्वाधिक दैनिक तापमान दर्ज किया गया था। हालांकि, पृथ्वी पर अब तक का सबसे अधिक तापमान अमेरिका के कैलिफोर्निया के रेगिस्तान में डेथ वैली नामक स्थान पर 56.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 111 साल पहले 1913 में दर्ज किया गया था।

भारत में तापमान 1900 के स्तर की तुलना में 0.7 डिग्री बढ़ा
भारत में वार्षिक औसत तापमान 1900 के स्तर की तुलना में लगभग 0.7 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। यह दुनियाभर में औसत भूमि तापमान में 1.59 डिग्री वृद्धि से काफी कम है। यदि महासागरों को भी इसमें शामिल किया जाए तो वर्तमान में वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक औसत से कम से कम 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
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लीबिया के दावे निकले गलत
कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जिनकी पुष्टि नहीं हो पाई। लीबिया के अल अजीजिया के नाम 90 साल तक सबसे ज्यादा तापमान वाली जगह का रिकॉर्ड था। 1922 में लीबिया में 57.8 डिग्री  सेल्सियस का तापमान रिकॉर्ड हुआ था। 2012 में विश्व मौसम संगठन ने इस दावे को गलत पाया।

भारत में तापमान 1900 के स्तर की तुलना में 0.7 डिग्री बढ़ा
वर्ष 2024 के अत्यधिक गर्म होने का अनुमान लगाया गया था। पिछला वर्ष वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा था और इस वर्ष भी इसका प्रभाव जारी रहने की उम्मीद है

दिल्ली के मुंगेशपुर का तापमान निकला गलत
दिल्ली के मुंगेशपुर में बुधवार को 52.9 डिग्री सेल्सियस तापमान की बात कही गई, लेकिन मौसम विभाग ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मुंगेशपुर केंद्र की मशीन खराब थी। आंकड़े पर संदेह मुख्य रूप से इस वजह से उपजा कि दिल्ली में अन्य 20 स्टेशनों में से किसी ने भी 52.9 डिग्री के करीब तापमान दर्ज नहीं किया। दिल्ली के सफदरजंग पर अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह अपने आप में 80 वर्षों का रिकॉर्ड था, जो 1944 के बाद सबसे अधिक था।

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