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Hyderabad : तेलुगू महिला को विमान में सीट बदलने के लिए मजबूर किया गया, भाषाई भेदभाव का आरोप

Mon, 19 Sep 2022 11:38 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

यह महिला 16 सितंबर को विजयवाड़ा से हैदराबाद जा रही थी। वह निकासी द्वार के समीप आवंटित 2 ए सीट पर बैठी थी। केबिन क्रू या चालक दल ने उसे वहां से उठाकर 3 सी सीट पर बैठा दिया।  इसे लेकर भाषा के आधार पर भेदभाव को लेकर नई बहस छिड़ गई है। 

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Telugu woman forced to change seat on indigo plane - फोटो : twitter
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विस्तार
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इंडिगो की विजयवाड़ा-हैदराबाद उड़ान में एक तेलुगू महिला के साथ कथित तौर पर भेदभाव का मामला सामने आया है। आरोप लगाया जा रहा है कि चूंकि यह महिला तेलुगू के अलावा हिंदी या अंग्रेजी नहीं समझ सकती थी,  इसलिए उसे आवंटित सीट से उठाकर दूसरी पर बैठने को मजबूर किया गया। सोशल मीडिया में इसे लेकर भाषा के आधार पर भेदभाव को लेकर नई बहस छिड़ गई है। 

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आईआईएम अहमदाबाद की सहायक प्राध्यापक देवस्मिता चक्रवर्ती ने ट्वीट कर बताया कि एयरलाइंस के स्टाफ ने सुरक्षा मुद्दों का हवाला देते हुए एक तेलुगु महिला को उसकी सीट से उठा दिया, क्योंकि वह केबिन क्रू द्वारा दिए जा रहे अंग्रेजी या हिंदी के निर्देशों को नहीं समझ सकती थी।

यह महिला 16 सितंबर को विजयवाड़ा से हैदराबाद जा रही थी। वह निकासी द्वार के समीप आवंटित 2 ए सीट पर बैठी थी। केबिन क्रू या चालक दल ने उसे वहां से उठाकर 3 सी सीट पर बैठा दिया। क्रू का कहना था कि चूंकि 2 ए सीट आपात द्वार के पास थी और किसी आपात स्थिति के समय चूंकि वह अंग्रेजी या हिंदी में दिए जाने वाले निर्देशों का पालन नहीं कर सकती थी, इसलिए उसकी सीट बदली गई। 
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केबिन क्रू के इस बर्ताव का कुछ सोशल मीडिया यूजर्स विरोध कर रहे हैं, वे इसे अशिष्ट बता रहे हैं। वहीं, एयरलाइन के क्रू का कहना है कि 2 ए सीट बहुत महत्वपूर्ण है और वहां बैठने वाले को निर्देशों का पालन करने में सक्षम होना जरूरी है। 
 



तेलंगाना के मंत्री केटीआर ने कही यह बात
उधर, इस विवाद के बीच तेलंगाना के आईटी मंत्री केटी रामाराव ने ट्वीट कर इंडिगो से कहा कि वह खास मार्गों की उड़ानों में चालक दल का ऐसा स्टाफ नियुक्त करे जो स्थानीय भाषा का समझता हो। ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति का फिर सामना नहीं करने पड़े। 

 

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