तेलंगाना के नागरकुरनूल में श्रीशैलम लेफ्ट कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद, सात श्रमिक उसके अंदर फंसे हैं। श्रमिकों को सकुशल सुरंग से वापस निकालने के लिए तलाशी और बचाव अभियान जारी है। अब श्रमिकों की तलाशी के लिए विशेष उपकरणों से लैश रोबोट की मदद ली जा रही है।
तेलंगाना के नागरकुरनूल में श्रीशैलम लेफ्ट कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की सुरंग में सात श्रमिक 21 दिन से फंसे हैं। शुक्रवार को भी श्रमिकों की खोजबीन के लिए तलाशी अभियान जारी रहा। श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकालने और उनकी तलाश करने के लिए अब विशेष उपकरणों से लैस ‘हाइड्रोलिक संचालित एक रोबोट’ को तैनात किया गया। हालांकि, अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।
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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, विशेष उपकरणों में 30 हॉर्स पावर (एचपी) क्षमता का 'लिक्विड रिंग वैक्यूम पंप' और एक 'वैक्यूम टैंक' मशीन शामिल है, जो सुरंग के अंदर तेजी से मिट्टी हटाने और अन्य कार्यों में मदद करेगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि नवीनतम तकनीक वाली मशीनों का इस्तेमाल करने से काम को तेजी से और कुशलता से पूरा किया जा सकेगा।
लापता व्यक्तियों की खोज में जुटे बचावकर्मी
इससे पहले दिन में, अभियान में शामिल विभिन्न संस्थानों के कर्मी आवश्यक उपकरण लेकर सुरंग के अंदर गए। सरकारी खनन कंपनी 'सिंगरेनी कोलियरीज' के बचावकर्मी, लापता व्यक्तियों की खोज के लिए खनिकों के साथ मिलकर स्थानों पर खुदाई कर रहे हैं।
खतरनाक स्थानों पर पहुंच सकते हैं रोबोट
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रोबोट सुरंग के भीतर 'खतरनाक स्थानों' पर पहुंच सकते हैं, जहां इंसान नहीं जा सकते, और ये 15 गुना अधिक दक्षता से काम कर सकते हैं।
सुरंग में 24 घंटे तलाशी अभियान जारी
सुरंग में 24 घंटे तलाशी अभियान चल रहा है, जिसमें सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), एचआरडीडी, सिंगरेनी कोलियरीज, रोबोटिक्स कंपनी और अन्य टीम सक्रिय रूप से शामिल हैं।