तेलंगाना-आंध्र प्रदेश सीमा पर स्थित श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में भीषण आग लग जाने से नौ लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। इस घटना में मरने वालों में ज्यादातर इंजीनियर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात आग लगने के बाद धुएं के कारण बचाव अभियान 12 घंटे से अधिक समय तक प्रभावित हुआ। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस घटना को लेकर शोक प्रकट किया है।
तेलंगाना के ऊर्जा मंत्री जी जगदीश रेड्डी ने कहा कि आग बृहस्तपतिवार रात (करीब साढ़े दस बजे) लगी। उस वक्त तेलंगाना राज्य ऊर्जा उत्पादन निगम (जेनको) संयंत्र के अंदर 17 लोग थे। मंत्री ने कहा कि धुएं की मोटी चादर से पूरा इलाका ढंक गया, जिससे बचाव अभियान प्रभावित हुआ।
रेड्डी ने घटना स्थल पर संवाददाताओं से कहा कि हादसे के वक्त 17 कर्मचारी संयंत्र के अंदर थे। उनमें से आठ ही बाहर निकल सकें। शेष नौ लोग (एक महिला सहित जेनको के सात कर्मचारी और निजी कंपनी के दो कर्मचारी) वहां फंसे गए और उनकी मौत हो गई।
रेड्डी ने कहा कि उन्होंने आखिरी सांस तक संयंत्र को बचाने की कोशिश की। जेनको के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सभी नौ लोगों की मौत दम घुटने के चलते हुई। हालांकि उनके शरीर पर झुलसने के मामूली निशान भी हैं।
जेनको के सात मृतकों में एक डिप्टी इंजीनियर और चार असिस्टेंट इंजीनियर हैं। दो अन्य मृतक एक निजी कंपनी से हैं, जिसे संयंत्र में बैटरी के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
रेड्डी ने कहा कि संयंत्र के अंदर फंसे कर्मचारियों ने अपने मोबाइल फोन के जरिए आग का वीडियो बनाया और बाहर मौजूद अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के लिए उसे पोस्ट किया।
शुरूआती आकलन के आधार पर दमकल सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि अत्यधिक वोल्टेज के चलते संभवत: बैटरी क्षेत्र से आग शुरू हुई, हालांकि इसकी गहन जांच करने की जरूरत है।
तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने मृतक इंजीनियर श्रीनिवास गौड़ के परिवार को 50 रुपये और बाकी आठ कर्मचारियों के परिजनोंं को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है।
राष्ट्रपति ने पनबिजली संयंत्र हादसे पर शोक प्रकट किया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तेलंगाना सीमा पर श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग लगने के हादसे में लोगों की मौत पर शोक प्रकट किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में कहा, श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग लगने के हादसे में लोगों के मारे जाने से दुखी हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मृतकों के बारे में जानकर दुखी हूं। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा, ये घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
बचाव दल द्वारा बचाए गए दस लोगों में से छह का श्रीशैल के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। घटना के समय स्टेशन में 17 लोग मौजूद थे। आग से आसपास घना धुआं छा गया। यह बांध कृष्णा नदी पर स्थित है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को विभाजित करता है।
ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली बंद होने की वजह से उन्हें सफलता नहीं मिली। घने धुएं की वजह से स्टेशन पर बचाव कार्य में मुश्किल आ रही हैं। पावर फेलियर दूसरी बाधा है। राज्य सरकार ने एनडीआरएफ की मदद मांगी।
तेलंगाना के मंत्री जी जगदीश्वर रेड्डी ने कहा, 'रात को साढ़े दस बजे यूनिट एक में आग लग गई। दस लोग बाहर आने में सक्षम रहे। प्लांट की पावर सप्लाई बंद कर दी गई थी। हम सिंगारनी कोयला खदान की मदद लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ऐसी स्थिति में विशेषज्ञता हो सकती है। फंसे हुए लोगों को बाहर निकालना पहली प्राथामिकता है।'