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तेलंगाना: सड़कों पर क्यों उतरे जेन-जी? दी विधानसभा घेरने की चेतावनी, बीआरएस और दीपके ने छात्रों को दिया समर्थन

Sat, 05 Sep 2026 12:34 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

तेलंगाना में पॉलिटेक्निक छात्रों का विरोध अब तेज हो गया है। छात्र सरकार के GO 97 को वापस लेने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं और ऐसा न होने पर विधानसभा घेरने की चेतावनी दी है। छात्रों को बीआरएस और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का भी समर्थन मिला है। लेकिन GO 97 में ऐसा क्या है, जिसे लेकर छात्र अपने भविष्य और पॉलिटेक्निक शिक्षा की पहचान को लेकर चिंतित हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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जेन जी आंदोलन तेज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दिल्ली से शुरु हुए जेन-जी आंदोलन ने देश के कई छात्रों के लिए ऑक्सीजन की तरह काम किया। दरअसल, इसके बाद से कई जगह जेन-जी छात्रों का प्रदर्शन देखने को मिला। वो अपने हक के लिए धरने पर बैठना सीख गए। फिर चाहे वो किसी भी प्रेदश में हो। इसी बीच तेलंगाना में पॉलीटेक्निक छात्रों ने भी कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। सिकंदराबाद स्थित संगीत एक्स रोड्स पर पॉलिटेक्निक छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र तेलंगाना सरकार से GO 97 वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
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प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात की गई। इससे पहले गुरुवार को तेलंगाना पॉलिटेक्निक स्टूडेंट्स जेएसी के नेतृत्व में धरना चौक पर बड़ा प्रदर्शन हुआ था। इसमें 59 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्र, पूर्व छात्र, अभिभावक और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए थे। छात्रों ने साफ कहा कि GO 97 को बिना शर्त वापस लिया जाना चाहिए।

GO 97 क्या है और क्यों इस का विरोध क्यों हो रहा?

  • GO 97 पॉलिटेक्निक कॉलेजों की प्रशासनिक व्यवस्था बदलने वाला आदेश है, लेकिन छात्र इसी बदलाव को लेकर अपनी शिक्षा और भविष्य पर असर की आशंका जता रहे हैं।
  •  छात्रों का कहना है कि प्रस्तावित प्रशासनिक पुनर्गठन से पॉलिटेक्निक शिक्षा की अलग पहचान और मौजूदा ढांचा कमजोर हो सकता है। 
  • उनकी मांग है कि पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था बरकरार रखी जाए। दूसरे वर्ष की छात्रा श्रावणी ने कहा कि सरकार भले ही पॉलिटेक्निक संस्थानों को वाईआईएसयू में विलय नहीं करने की बात कह रही हो, लेकिन GO 97 में उन्हें वाईआईएसयू के ढांचे और इकोसिस्टम के तहत लाने की बात है। 
  • छात्रों का कहना है कि इस नए कौशल ढांचे को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है और अधिकारियों के बीच भी पूरी जानकारी नहीं दिख रही है।

पीपीपी मॉडल को लेकर छात्रों की क्या चिंता है?

छात्रों ने प्रस्तावित सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर भी सवाल उठाए हैं। छात्र नवीन रेड्डी ने चिंता जताई कि अगर कंपनियों और निजी संगठनों की विश्वविद्यालय के संचालन में भूमिका होती है, तो छात्रों के हितों से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता मिल सकती है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस मुद्दे की जांच कर रही उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को सार्वजनिक करने और पॉलिटेक्निक व्यवस्था को सुरक्षित रखने की मांग की है।

सरकार के खिलाफ छात्रों ने क्या चेतावनी दी?

पॉलिटेक्निक छात्रों ने कहा है कि अगर GO 97 वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों ने तेलंगाना विधानसभा और सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन को विभिन्न समूहों का समर्थन भी मिला है। बीआरएस ने पॉलिटेक्निक छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि वह आगामी तेलंगाना विधानसभा सत्र में यह मुद्दा उठाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के जरिये प्रदर्शन का समर्थन किया और GO 97 वापस नहीं होने पर टैंक बंड पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी। सीजेपी दक्षिण भारत प्रभारी विजय मुल्लांगी ने भी सरकार से उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशें जारी करने और पॉलिटेक्निक व्यवस्था की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
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