तेलंगाना में दक्षिण पश्चिम मानसून का प्रभाव अभी भी देखने को मिल रहा है। राज्य में यह अब भी सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाली नई मौसम प्रणालियों ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी को और आगे बढ़ा दिया है। आमतौर पर 15 अक्तूबर तक मानसून खत्म हो जाता था लेकिन इस बार यह अभी तक बना हुआ है।
पिछले साल, दक्षिण-पश्चिम मानसून 16 अक्तूबर तक खत्म हो गया था। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक होने का अनुमान था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के कारण तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है।
हैदराबाद और अमरावती मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि राज्य में 22 अक्तूबर तक भारी से भारी बारिश होगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं। लोगों को अपने-अपने घरों में रहना चाहिए। बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मानसून अगले सप्ताह तक जारी रह सकता है। सोमवार की रात दो बजे हैदराबाद के कई इलाकों में 3 मिमि से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
हैदराबाद के मौसम विभाग ने चार दिन और तेलंगाना में भारी बारिश का अनुमान बताया है। वहीं मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में बने गंभीर चक्रवात के कारण प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते अधिकारियों ने पूर प्रदेश में अलर्ट जारी किया है।
हैदराबाद के मूसी नदी के तटीय इलाके के लोगों को सतर्क किया गया है और सुरक्षित कैंपों में जाने के लिए कहा गया है। वहीं राज्य सरकार ने बताया है कि हैदराबाद के पुराने शहर समेत अब तक हैदराबाद के नगर निगम के परादी में 35000 से अधिक परिवारों को पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाया गया है।
हैदराबाद के मौसम विज्ञानी ए श्रावणी ने कहा, नई प्रणालियों के निरंतर गठन के कारण, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी नहीं हो रही है। केवल एक बार वर्षा बंद हो जाए तो हम आधिकारिक तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की घोषणा कर सकते हैं। एक बार हवा का पैटर्न बदल जाता है, तभी हम कुछ बदलाव की उम्मीद कर सकते हैं।'
यह पहली बार नहीं है कि अक्तूबर के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी में देरी हुई है। आईएमडी, हैदराबाद के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि 2010 और 2016 में भी, दक्षिण-पश्चिम मानसून 28 अक्तूबर के बाद खत्म हुआ था।