तेलंगाना सरकार ने श्रीसैलम लैफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में फंसे छह लोगों को निकालने के लिए एक तकनीकी समिति बनाई है। समिति में विशेषज्ञ एजेंसियां शामिल हैं और यह सुरंग के अंतिम 50 मीटर के हिस्से में सुरक्षित तरीके से खोज अभियान चलाएगी, ताकि बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तेलंगाना सरकार ने बुधवार को एक तकनीकी समिति का गठन किया है, जिसका मकसद नारकुरनूल जिले में स्थित श्रीसैलम लैफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में फंसे छह लोगों को निकालने के लिए खोज अभियान चलाना है। यह छह लो उस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जहां सुरक्षा का हिस्सा आंशिक रूप से ढह गया था और उनके मलबे में दबे होने का खतरा है।
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इस समिति में विशेषज्ञ एजेंसियों के अधिकारी शामिल हैं। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई), भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), राष्ट्रीय भूकंपीयता केंद्र (एनसीएस) और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन) अरविंद कुमार की ओर से जारी सरकारी आदेश (जीओ) में कहा गया कि जो श्रमिक सुरंग में लापता हैं, उन्हें खोजने की हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए।
सरकारी आदेश में कहा गया, सुरंग के अंतिम 30 से 50 मीटर के हिस्से में चट्टान की स्थिति बेहतर कमजोर है और जीएसआई ने उसमें प्रवेश न करने की सलाह दी है। वहां खोज के लिए क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं, यह जांचने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों की एक तकनीकी समिति बनाने का सुझाव दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि इस समिति का गठन इसलिए किया जाना चाहिए ताकि इस खतरनाक इलाके में खोज अभियान को वैज्ञानिक तरीके से और एजेंसियों के निर्देशों के अनुसार चलाया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो सके कि बचावकर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। पिछले 55 दिनों से लगातार चल रहे प्रयासों से यह संभव हो पाया है कि सुरंग की खुदाई में इस्तेमाल की गई मशीन (टनल बोरिंग मशीन) का मलबा आखिरी पचास मीटर तक हटा दिया गया है। 800 टन से अधिक मलबा निकाला गया है। हालांकि, इस आखिरी हिस्से में ढहने का खतरा बहुत अधिक है।
इस तकनीकी समिति का मकसद सुरक्षित तरीके से और बचावकर्मियों की जान को खतरे में डाले बिना तलाशी अभियान को अंजाम देना है। समिति विशेषज्ञ एजेंसियों से सलाह लेकर और सभी जरूरी अनुमति लेने के बाद ही खोज अभियान शुरू करेगी। एसएलबीसी सुरंग में 22 फरवरी को हुए हादसे में आठ लोग फंसे थे, जिनमें इंजीनियर और श्रमिक शामिल थे। अब तक, दो शव मलबे से निकाले जा चुके हैं।