कांग्रेस का बुरा समय जारी है। आज पार्टी को तेलंगाना में झटका लगा। दो बार के पूर्व राज्यसभा सदस्य एमए खान ने आज कांग्रेस छोड़ दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर से फिर खड़ी करने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं।
खान ने आरोप लगाया कि पार्टी ने कैडर के साथ अपने जमीनी संबंध खो दिए और जनता को यह समझाने में पूरी तरह से विफल रही है कि वह अपना खोया हुआ गौरव फिर से हासिल कर सकती है और देश का नेतृत्व कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की भलाई के लिए वरिष्ठ नेताओं द्वारा उठाई गई आवाज को शीर्ष नेताओं ने 'असंतुष्टों की गतिविधि' के रूप में देखा। पूर्व सांसद खान ने कहा कि अगर उन नेताओं को पार्टी के पुनरुद्धार के लिए उनकी पीड़ा मानते हुए विश्वास में लिया जाता तो चीजें अलग होतीं।
खान ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं की सलाहों की उपेक्षा की गई। कांग्रेस और 10, जनपथ स्तर पर एक मंडली को प्रोत्साहित किया गया। नतीजतन, पार्टी ने अपना संबंध खो दिया उन्होंने आगे कहा कि वरिष्ठ नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है क्योंकि शीर्ष नेतृत्व द्वारा पार्टी कैडर को जमीनी स्तर से पुनर्जीवित करने और जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक की प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ देश की सेवा करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
बगैर सदस्यता कैसा इस्तीफा : टैगोर
इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, तेलंगाना के कांग्रेस प्रभारी मनिकम टैगोर ने आश्चर्य जताया। उन्होंने सवाल किया कि खान पार्टी के सदस्य बिना इस्तीफा कैसे दे सकते हैं? खान ने 2008 से 2020 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया। टैगोर ने कहा कि ये राज्यसभा गिरोह जिसने कभी जमीन पर काम नहीं किया, अब गलत बयान दे रहा है। आइये, हम राहुल गांधी के नेतृत्व में ऐसी कांग्रेस का निर्माण करें जो लोगों के साथ और लोगों के लिए और लोगों द्वारा संचालित हो।
बता दें, हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस छोड़ी है। इसके पहले कपिल सिब्बल समेत कई नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं।