तेलंगाना चुनाव के बाद आए तमाम एग्जिट पोल राज्य में केसीआर की वापसी की बात कर रहे हैं। इन एग्जिट पोल्स के अनुमान अगर सही हुए तो यह कहना बिलकुल सही होगा कि फिर एक बार तेलंगाना गुलाबी रंग में रंग गया। दूसरे शब्दों में कहें तो तेलंगाना में वक्त से पहले चुनाव कराने का फैसला सही साबित होता दिख रहा है।
एक्सिस माय इंडिया-आजतक के एग्जिट पोल की मानें तो तेलंगाना में सत्ताधारी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति को 79-91 सीटें जबकि कांग्रेस को 21-33 सीटें मिल सकती हैं। देश के सबसे युवा राज्य तेलंगाना में लोकसभा चुनाव के साथ ही चुनाव होने थे मगर के चंद्रशेखर राव ने अपनी सरकार के कामों पर भरोसा जताते हुए इसी साल सितम्बर में विधानसभा भांग कर दी जिसके बाद चुनाव कराने की नौबत आ गई।
टाइम्स नाउ-सीएनएक्स
| टीआरएस |
66 |
| कांग्रेस |
37 |
| भाजपा |
7 |
| अन्य |
9 |
रिपब्लिक-जन की बात
| टीआरएस |
58 |
| कांग्रेस+टीडीपी |
45 |
| भाजपा |
07 |
पिछले चुनाव की स्थिति
| तेलंगाना राष्ट्र समिति |
63 |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
21 |
| तेलगू देशम पार्टी |
15 |
| ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) |
7 |
| भारतीय जनता पार्टी |
5 |
| वाईएसआर कांग्रेस |
3 |
राज्य में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, तेलगू देशम पार्टी, तेलंगाना जान समिति, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के बीच था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तेलगू देशम पार्टी और वामपंथी दलों ने प्रजा कुटमी नामक गठबंधन बना केसीआर को चुनौती दी। जबकि भाजपा ने यह विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा।
2014 में अविभाजित आंध्र में हुए चुनावों में टीडीपी और भाजपा ने एक साथ चुनाव लड़ा था। जबकि इस बार इसने कांग्रेस के महागठबंधन का हिस्सा बनने का फैसला किया। 2014 के चुनाव में टीआरएस ने 34 फीसदी जबकि कांग्रेस और टीडीपी के गठबंधन ने 38 फीसदी वोट हासिल किये थे।