ग्रेनाइट निर्यातकों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय का छापा
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तेलंगाना के कल्याण मंत्री गंगुला कमलाकर सहित कई ग्रेनाइट निर्यातकों के परिसरों पर छापेमारी के बाद कई खुलासे हुए हैं। ईडी ने दावा किया है कि लीक हुए पनामा पेपर्स में नामित एक व्यक्ति के स्वामित्व वाली एक चीनी कंपनी से तेलंगाना स्थित ग्रेनाइट व्यवसायों को अवैध धन भेजा गया है जिसमें कमलाकर का भी नाम शामिल है। संघीय एजेंसी ने 9 नवंबर को स्वेता ग्रेनाइट्स, स्वेता एजेंसियों, श्री वेंकटेश्वर ग्रेनाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, पीएसआर ग्रेनाइट्स प्राइवेट लिमिटेड, अरविंद ग्रेनाइट्स, गिरिराज के कार्यालयों और आवासीय परिसरों में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की धाराओं के तहत तलाशी शुरू की थी।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री कमलाकर तलाशी के दौरान विदेश में थे
इनमें से कुछ कंपनियों से कथित रूप से जुड़े कमलाकर के परिसरों की भी तलाशी ली गई। के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में पिछड़े वर्ग कल्याण, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री कमलाकर तलाशी के दौरान विदेश में थे। उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि वो एजेंसी के साथ सहयोग करेंगे और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। ईडी ने हालांकि बयान में कमलाकर का नाम नहीं लिया। ईडी के बयान में कहा गया है कि ये कंपनियां चीन, हांगकांग और अन्य देशों को कच्चे ग्रेनाइट ब्लॉकों का निर्यात कर रही हैं। जांच के दौरान पाया गया कि निर्यात की गई मात्रा उस मात्रा से अधिक थी जिस पर रॉयल्टी का भुगतान किया गया था और निर्यात करते समय मात्रा कम दिखाई गई थी।
कई बार घोषित बैंक खातों में निर्यात आय दिखाई नहीं गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि निर्यात आय अन्य के माध्यम से प्राप्त होती है। एजेंसी ने कहा कि उसने निर्यात के बदले हवाला में कथित रूप से प्राप्त 1.08 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं, इसके अलावा खदानों से 10 साल के विशाल ग्रेनाइट डेटा भी निकाले। ग्रेनाइट निर्यातकों के कर्मचारियों के नाम से कई बेनामी बैंक खाते थे, जिनमें अवैध ग्रेनाइट निर्यात के बदले प्राप्त नकद जमा किया जा रहा था।
ईडी की बेंगलुरु और पटियाला में छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने पीएसआई भर्ती 2021 घोटाले में 10 नवंबर को बेंगलुरु और पटियाला में 11 स्थानों पर आईपीएस अमृत पॉल (तत्कालीन एडीजी भर्ती प्रकोष्ठ) और अन्य लोगों के परिसरों की तलाशी ली, जिसमें विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। कर्नाटक पुलिस भर्ती प्रकोष्ठ ने 2021 में कर्नाटक पुलिस में पीएसआई के 545 रिक्त पदों को भरने के लिए एक परीक्षा आयोजित की थी। परिणाम आने के बाद परीक्षा में धोखाधड़ी, भ्रष्ट आचरण के आरोप लगे, जिसके कारण कर्नाटक सरकार ने जांच के आदेश दिए थे।