तेलंगाना सरकार ने पुलिस अधिकारी प्रणीत कुमार की पदोन्नति रद्द कर दी है, उन पर बीआरएस सरकार के दौरान राजनेताओं, व्यापारियों और पत्रकारों के फोन टैपिंग में शामिल होने का आरोप है। कुमार को पहले अंचल निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया था। पढ़ें रिपोर्ट-
तेलंगाना सरकार ने पुलिस अधिकारी प्रणीत कुमार की पदोन्नति रद्द कर दी है। कुमार पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार के कार्यकाल के दौरान राजनेताओं, व्यापारियों और पत्रकारों के फोन टैपिंग में शामिल होने का आरोप है। पदोन्नति रद्द करने की पीछे भी इस घटना में कुमार की संलिप्तता का हवाला दिया गया है।
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भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2007 बैच के अधिकारी को बीआरएस सरकार के कार्यकाल में अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) से पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया था।
सरकारी आदेश के अनुसार, पूर्व डीएसपी ने गंभीर कदाचार किया। उन्होंने विशेष गुप्तचर शाखा (एसआईबी) में अपने नेतृत्व वाली विशेष अभियान टीम (एसओटी) के लिए विशेष रूप से समर्पित लीज्ड-लाइन इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करके कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया।
आदेश में यह भी कहा गया कि कुमार ने एसओटी लॉगर रूम में डेस्कटॉप और लैपटॉप सहित कई सिस्टम से 42 हार्ड डिस्क को हटाकर बदल दिया, ताकि विशेष लक्ष्यों के लिए सीडीआर, आईएमईआई और आईपीडीआर डाटा जैसे महत्वपूर्ण डाटा को मिटाया जा सके।