मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि तेलंगाना में दो सिरप पर प्रतिबंध लगाए जाने की खबर सामने आई है। राज्य के औषधि नियंत्रण निकाय की तरफ से इस संबंध में सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई है। जानिए क्या है पूरा मामला
तेलंगाना सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने खांसी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दो सिरप के लिए 'स्टॉप यूज' नोटिस जारी किया है। तेलंगाना ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) ने बुधवार को इस संबंध में सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए कहा, इन दवाओं में जहरीले रसायन 'डायथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol - DEG)' मिलावट की आशंका जताई गई है। इस कारण इसका इस्तेमाल घातक है।
मानव शरीर के लिए गंभीर रूप से हानिकारक
औषधि नियंत्रण निकाय ने तेलंगाना में इस्तेमाल हो रही इस दवा को लेकर कहा, सार्वजनिक चेतावनी मध्य प्रदेश सरकार के भोपाल स्थित ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी से प्राप्त अलर्ट के आधार पर जारी की गई है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों सिरपों में DEG पाया गया है, जो अत्यधिक विषैला पदार्थ है और मानव शरीर के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है।
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जनता से सहयोग भी मांगा
तेलंगाना डीसीए ने जनता से अपील की है कि वे इन दोनों सिरपों का तुरंत उपयोग बंद करें। नोटिस में कहा गया है कि अगर किसी के पास ये उत्पाद पहले से मौजूद हैं तो नजदीकी ड्रग्स कंट्रोल प्राधिकरण को तुरंत सूचित करें। जिन दवाओं का इस्तेमाल रोका गया है उनके नाम:
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों दवाएं गुजरात की फार्मा कंपनियों में बनी हैं। इससे पहले बीते 4 अक्तूबर को तेलंगाना प्रशासन ने कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप को लेकर भी इसी तरह का 'स्टॉप यूज' नोटिस जारी किया था। यह कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की कथित मौतों के बाद उठाया गया था। कथित रूप से इस सिरप के सेवन के बाद अब तक करीब 20 बच्चों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।