तेलंगाना के गाचीबोवली जंगल में पेड़ों की कटाई के मामले में राज्य सरकार ने एक कमेटी गठित की है। सीएम रेवंत रेड्डी ने ट्वीट कर लिखा- इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है। जिसमें डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्का, मंत्री श्रीधर बाबू, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी शामिल हैं।
तेलंगाना सरकार ने कांची गचीबौली जमीन विवाद को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित करने की घोषणा की है। बता दें कि, इस मामले में केंद्र ने तेलंगाना सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा कि केंद्र ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को नोटिस भेजा है। सरकार से हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर के पास कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र में 400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कथित कटाई के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है।
सरकार ने तय किया है कि यह समिति निम्नलिखित पक्षों से चर्चा करेगी—
हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कार्यकारी समिति
संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) और सिविल सोसाइटी समूह
छात्र प्रतिनिधि मंडल
अन्य सभी संबंधित पक्ष
क्या है विवाद?
कांची गचीबौली क्षेत्र में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसमें यूनिवर्सिटी, स्थानीय लोग, सिविल सोसायटी और अन्य पक्ष जुड़े हुए हैं। छात्रों और सिविल सोसायटी ने इस मुद्दे को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।
तेलंगाना सरकार का उद्देश्य
सरकार चाहती है कि इस विवाद का सही समाधान निकाला जाए, जिससे सभी पक्षों के हितों की रक्षा हो सके। इसके लिए मंत्रियों की यह समिति चर्चा करेगी और आगे की कार्ययोजना तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का बयान
सीएम रेवंत रेड्डी ने ट्वीट कर कहा, 'तेलंगाना सरकार ने कांची गचीबौली भूमि विवाद को हल करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की है, जो सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर इस मुद्दे का समाधान निकालेगी।'