तेलंगाना कैबिनेट में तीन नए मंत्री शामिल किए गए हैं, लेकिन विभागों का बंटवारा बाकी है। बता दें कि, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के पास अभी भी 10 ज्यादा अहम विभाग हैं। जबकि उनकी कैबिनेट में तीन और पद खाली हैं। माना जा रहा है कि, स्थानीय निकाय चुनावों के बाद नए मंत्री जोड़े जा सकते हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हाल ही में कैबिनेट में शामिल किए गए नए मंत्रियों को विभाग देने के मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत दिल्ली में उनके तीन दिन के दौरे के दौरान हुई। बता दें कि, रविवार को तेलंगाना मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया गया था, लेकिन अभी तक उन्हें कोई विभाग नहीं सौंपा गया है।
सीएम रेवंत रेड्डी संभाल रहे 10 से ज्यादा विभाग
फिलहाल मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी खुद 10 से अधिक अहम विभाग संभाल रहे हैं, जिनमें गृह, कानून, शिक्षा, नगर प्रशासन और शहरी विकास जैसे विभाग शामिल हैं। वहीं नए मंत्रियों को विभाग सौंपे जाने के मामले पर चर्चा करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने मीडिया से कहा, 'मैं कुछ विभाग दूसरों को सौंप सकता हूं। अगर कोई मंत्री कहता है कि उनके पास ज्यादा जिम्मेदारियां हैं, तो हम विभागों का फिर से बंटवारा कर सकते हैं।'
रेवंत कैबिनेट में तीन मंत्री पद अभी भी खाली
तेलंगाना की मौजूदा कैबिनेट में कुल 15 मंत्री हैं। राज्य में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं, यानी अब भी तीन पद खाली हैं। सूत्रों का कहना है कि ये तीन पद स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भरे जा सकते हैं। बता दें कि, बीते रविवार को राजभवन में कांग्रेस विधायक जी विवेक, ए लक्ष्मण कुमार, वक्ति श्रीहरि ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। दिसंबर 2023 में रेवंत रेड्डी सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार कैबिनेट विस्तार किया गया है।
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित किया है। विवेक और लक्ष्मण कुमार क्रमशः एससी (माला) और एससी (मडिगा) समुदायों से आते हैं। जबकि श्रीहरि पिछड़े वर्ग से आने वाले नेता हैं। इसके अलावा रामचंद्र नाइक एसटी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।