बीआरएस महिला सरपंच कुरुसपल्ली नव्या प्रवीण।
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तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की एमएलसी और मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के. कविता एक तरफ नई दिल्ली में संसद के मौजूदा बजट सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पेश करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की हैं तो दूसरी तरफ उनकी पार्टी की एक महिला सरपंच ने अपने ही पार्टी के विधायक पर "धमकाने और यौन उत्पीड़न" का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला सरपंच ने इस मामले में मुख्यमंत्री केसीआर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
हनमकोंडा जिले के धर्मसागर मंडल के जानकीपुरम गांव की महिला सरपंच कुरुसपल्ली नव्या प्रवीण ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी आपबीती बताई। उन्होंने मीडिया से कहा कि एक बीआरएस विधायक ने मुझे फोन किया और मुझे लाइन पर आने का निर्देश दिया। अन्यथा, हम सहयोग नहीं करेंगे। इसमें एक महिला भी शामिल है। लेकिन किसी महिला को बदनाम करना मेरी संस्कृति नहीं है इसलिए मैं उसका नाम उजागर नहीं कर सकती।
उन्होंने बताया कि संबंधित विधायक ने उनसे कहा था कि उनसे मिलने के दौरान पति या कोई अन्य पुरुष उपस्थित नहीं होना चाहिए। सरपंच ने आरोप लगाया कि फोटो क्लिक करते हुए उन्होंने कहा कि हमें बिल्कुल पास खड़े होना चाहिए। प्रवीण ने दावा किया कि एक कार्यक्रम के दौरान, मैं थोड़ी दूर खड़ी था। उन्होंने सबके सामने मेरा अपमान करते हुए पूछा कि क्या मैं कोई मूर्ति हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं राजनीति में क्यों आया। इसके बाद मैं वहां से चली गई और रोने लगी।
प्रवीण ने कहा कि मैं सीएम केसीआर और नगर प्रशासन और तेलंगाना के शहरी विकास मंत्री के टी रामा राव (केटीआर) से अनुरोध करती हूं कि आने वाले चुनावों में विधायक राजैया को टिकट न दें। अगर उन्हें टिकट मिलता है, तो महिलाओं पर और अत्याचार होंगे। महिला सरपंच ने सीएम केसीआर से अपील की कि वे अपनी सरकार में काम करने वाले लोगों पर नजर रखें।
उन्होंने कहा कि मैं सुरक्षा भी मांग रही हूं क्योंकि मैं सच बोल रही हूं। मुझे एक विधायक, एक महिला और एक अन्य व्यक्ति से धमकियां मिल रही हैं। अगर मेरे परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो वे जिम्मेदार होंगे। महिला सरपंच ने कहा कि किसी व्यक्ति का स्वाभिमान उसकी प्राथमिकता है। हमें पहले अपने स्वाभिमान की रक्षा करनी चाहिए। इसके बाद राजनीति आती है।
बीआरएस सरपंच कुरुसपल्ली नव्या प्रवीण ने कहा कि मैं अपने गांव का विकास करना चाहती हूं। हमने सरकार के सहयोग से 90 फीसदी तक विकास हासिल किया है। हालांकि, कुछ लोग समस्या पैदा कर रहे हैं और सहयोग नहीं कर रहे हैं।