तेलंगाना में राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव को कामारेड्डी दौरे से पहले नजरबंद कर दिया गया। पुलिस ने शनिवार देर रात उन्हें उनके तारणाका स्थित घर पर ही रोक दिया। राव रविवार, 22 फरवरी को कामारेड्डी जाने वाले थे। उन्होंने फोन पर कहा कि उन्हें एहतियात के तौर पर हाउस अरेस्ट किया गया है। भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।
कामारेड्डी में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच 20 और 21 फरवरी को हिंसक झड़पें हुई थीं। विवाद सरकारी डिग्री कॉलेज की जमीन को लेकर शुरू हुआ। भाजपा विधायक कातीपल्ली वेंकट रामना रेड्डी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता, खासकर शब्बीर अली, जमीन को अवैध तरीके से बेचने या सौदेबाजी करने में लगे हैं। इसी मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ और कई लोग घायल हुए। एक कांग्रेस नेता की गाड़ी भी पलट दी गई। पुलिसकर्मी भी इस झड़प में चोटिल हुए।
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पीड़ितों से मिलने जा रहे थे राव
एन. रामचंदर राव बांसवाड़ा में पथराव से घायल भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके कैंप कार्यालय पर हमला किया। राव ने कहा कि विपक्ष को पीड़ितों से मिलने से रोकना गलत संदेश देता है। उन्होंने राज्य सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
राव ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार आम लोगों के साथ खड़ी है। केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया। भाजपा ने यह भी कहा कि भारत एआई ग्लोबल समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे भाजपा युवा मोर्चा नेताओं को भी रोका गया।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा का दावा
इसी बीच, हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। राव ने कहा कि पहली बार भाजपा ने करीमनगर नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद जीते हैं। उन्होंने दावा किया कि आदिलाबाद, कामारेड्डी और निजामाबाद में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 11 फरवरी को राज्य की सात नगर निगमों और 116 नगरपालिकाओं में मतदान हुआ था। कुल 414 वार्ड नगर निगमों में और 2,582 वार्ड नगरपालिकाओं में शामिल थे।
राजनीतिक माहौल गरम
इन घटनाओं के बाद तेलंगाना की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस ने चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि भारत राष्ट्र समिति दूसरे स्थान पर रही। भाजपा का कहना है कि विपक्षी दल एकजुट होकर उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल कामारेड्डी की स्थिति पर प्रशासन नजर रखे हुए है और आगे की रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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