तेलंगाना सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश से आलू की खरीद पर रोक लगाए जाने के बाद से सियासत गरम हो गई है। तेलंगाना सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के किसान बेहद नाराज हो गए हैं। लकिन ये सभी किसान अपनी नाराजगी सबसे ज्यादा ओवैसी के खिलाफ जाहिर कर रहे हैं। आप लोग भी सोच रहे होंगे आखिर किसान ओवैसी से क्यों नाराज होंगे? आखिर ओवैसी का इससे क्या लेना देना? तो आइए विस्तार से बताते हैं कि आखिर आलू की खरीद पर रोक ओवैसी के लिए मुश्किलें क्यों खड़ी कर रही है...
जानें क्या है मामला
तेलंगाना द्वारा यूपी से आलू खरीद की रोक के बाद किसान ओवैसी पर नाराजगी इसलिए जाहिर कर रहे हैं क्योंकि ओवैसी लगातार तेलंगाना सरकार का समर्थन करते रहे हैं और वे वहां के निवासी भी हैं। कई बार ओवैसी तेलंगाना के मुख्यमंत्री की भी खुले तौर पर तारीफ करते हैं। लेकिन जब आलू की खरीद रोकी गई तो उन्होंने कोई विरोध नहीं किया। आलू उत्पादक किसान समिति, आगरा के महासचिव आलमगीर सीधा सवाल दागते हैं, ‘तेलंगाना की सरकार और उसके फैसले का समर्थन करते हुए ओवैसी यूपी में किस मुंह से वोट मांग सकते हैं।’
पिछले साल का आलू भेज रहे थे यूपी के किसान: तेलंगाना के कृषि मंत्री
वहीं तेलंगाना के कृषि मंत्री एस निरंजन रेड्डी अपनी सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान जो आलू हमें भेज रहे थे, वह कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ था और यह पिछले साल का आलू है। जब हमारे किसानों की ही उगाई ताजा फसल हमारे पास उपलब्ध हो चुकी है, तो हम उनका पुराना आलू क्यों लें?