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चुनाव लड़ने की पात्रता 21 साल हो: तेलंगाना विधानसभा में किस प्रस्ताव की तैयारी, CM रेवंत रेड्डी की योजना क्या

Sun, 26 Jul 2026 01:29 AM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, हैदराबाद

सार

तेलंगाना सरकार जल्द ही विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाएगी। इसमें केंद्र सरकार से लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने का आग्रह करने वाला प्रस्ताव पारित किया जाएगा। 
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मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को घोषणा की है कि राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव पारित करेगी और इसे केंद्र सरकार को भेजेगी। इसके साथ ही उन्होंने 'जेन जी' को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए संविधान संशोधन की वकालत की। बता दें कि वर्तमान में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष है।

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रेवंत रेड्डी ने यह घोषणा किस मंच से की?
नीट पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित कैंडल लाइट रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 'जेन जी' के आंदोलन ने '56 इंच के सीने' (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा) को झुकने पर मजबूर कर दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना पद छोड़ना पड़ा।

विशेष सत्र में क्या होगा?
रेड्डी ने कहा,'हम अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाएंगे। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और विधायक तथा सांसद के तौर पर चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने का प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा।'
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21 साल की उम्र का तर्क क्या है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आबादी में 'जेन जी' की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है, लेकिन लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व एक प्रतिशत से भी कम है। उनका कहना था कि यदि 21 वर्ष से अधिक आयु के युवा मंत्री बनते हैं तो देश का भविष्य बदल सकता है। रेड्डी ने 21 वर्ष के युवाओं को विधायक और सांसद के रूप में चुनाव लड़ने का अवसर देने के लिए संविधान में संशोधन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जर्मनी और ब्रिटेन में 18 वर्ष की आयु का व्यक्ति प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है, जबकि सिंगापुर में 21 वर्ष का व्यक्ति प्रधानमंत्री बनने के योग्य होता है।

राहुल गांधी को लेकर क्या कहा?
रेड्डी ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेंगे कि 'जेन जी' का कोई नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने। मैं INDIA गठबंधन से बात करूंगा और सभी दलों के नेताओं से मिलूंगा। इन युवाओं को केवल सड़कों पर आंदोलन करके घर नहीं लौटना चाहिए, बल्कि संसद तक पहुंचकर पूरी दुनिया में 'जेन जी' की आवाज बुलंद करनी चाहिए। 

21 साल के युवाओं की योग्यता पर क्या बोले?
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 वर्ष के युवा IAS और IPS अधिकारी बनने के पात्र होते हैं। साथ ही वे मेयर और जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ सकते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की थी। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने 21 वर्ष के युवाओं को मेयर और जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की अनुमति दी थी।

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NEET आंदोलन को लेकर कांग्रेस क्या करेगी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस संसद में NEET आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग करेगी। साथ ही, पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई जाएगी। इस मार्च में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, कई मंत्री, CPI के नेता और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

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