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Telangana: तेलंगाना में आवारा कुत्तों को मारने का सिलसिला जारी, फिर 100 कुत्तों की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

Fri, 30 Jan 2026 10:41 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मारने मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के सरपंच ने पैसे देकर यह सामूहिक हत्या करवाई। पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है।

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सड़क पर घूम रहे आवारा कुत्ते। संवाद
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विस्तार
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तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले से पशु क्रूरता की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के थुम्मैपल्ली गांव में लगभग 100 आवारा कुत्तों को बेरहमी से मार दिया गया। इस सामूहिक हत्या की खबर मिलते ही पशु कल्याण कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।
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पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
इस मामले में 'स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया' की सहायक मुदावथ प्रीति ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। चारपाका पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर सरपंच के अधिकार क्षेत्र वाले गांव में हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि पिछले दस दिनों के दौरान इन कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारा गया है। ये काम कथित तौर पर थिम्मैपल्ली गांव के सरपंच और पंचायत सचिव ने किए थे।

जांच में क्या आया सामने?
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पशु कल्याण कार्यकर्ता गौतम और गांव के सरपंच के बीच हुई बातचीत की एक रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें सरपंच ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने ही कुत्तों को मारने का आदेश दिया था। सरपंच ने इस काम के लिए 'कुत्ता मारने वालों' को 18,000 रुपये का भुगतान भी किया था।
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ये भी पढ़ें: तेलंगाना में 100 और आवारा कुत्तों को दिया जहर: अब तक 1200 की मौत, सरपंच के बेटे समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज

आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
आगे की जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत के एक कर्मचारी रवि ने मरे हुए कुत्तों के शवों को वहां से हटाया था। सरपंच ने बताया कि कुत्तों के शवों को गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर फेंक दिया गया था। पुलिस को दी गई याचिका में मांग की गई है कि इस क्रूरता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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जांच में जुटी पुलिस
पशु अधिकार कार्यकर्ता गौतम ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ ऐसी हैवानियत बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकार से अपील की है कि पशु संरक्षण कानूनों को और अधिक सख्ती से लागू किया जाए। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। 

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