तेलंगाना विधानसभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित दिल्ली में बन रहे नए संसद भवन का नाम डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम करने की मांग की। इसके अलावा एक अन्य प्रस्ताव पारित कर केंद्र द्वारा प्रस्तावित नए विद्युत संशोधन विधेयक का विरोध किया गया है।
तेलंगाना के आईटी व उद्योग मंत्री केटी रामाराव ने विधानसभा में ये प्रस्ताव पेश किए। इसमें कहा गया है कि नए संसद भवन का नाम संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर के नाम करना उपयुक्त होगा। इसी तरह राज्य के ऊर्जा मंत्री जगदीश रेड्डी ने केंद्र के नए विद्युत विधेयक के विरोध में प्रस्ताव पेश किया। विधेयक को किसानों, गरीबों और बिजली क्षेत्र के हितों के खिलाफ बताया गया है।
बता दें, राष्ट्रीय राजधानी में सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास के हिस्से के रूप में एक नया संसद भवन पूरा होने के अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2020 में नए भवन का शिलान्यास किया था। पिछले महीने उन्होंने भवन की छत पर बने राष्ट्रीय चिन्ह का अनावरण किया था। केंद्र की योजना नए भवन में संसद का शीतकालीन सत्र आयोजित करने की है।
विद्युत संशोधन विधेयक 2022 उपभोक्ताओं को अपने इलाके में कार्यरत कई बिजली सेवा प्रदाताओं में से किसी एक को चुनने का विकल्प प्रदान करने और बिजली वितरण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का प्रयास करेगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने हाल ही में कहा था कि यह विधेयक के शीतकालीन सत्र में विचार और पारित होने की संभावना है। इस विधेयक को मानसून सत्र में आठ अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था। उसी दिन इसे ऊर्जा मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति को जांच के लिए भेजा गया था।