फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेलंगाना: एक और ड्राइवर ने की आत्महत्या की कोशिश, सड़क पर खाना बनाकर कर्मचारियों का प्रदर्शन

Sun, 13 Oct 2019 08:40 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
TSRTC Protest - फोटो : ANI
विज्ञापन

पांच अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे तेलंगाना राज्य पथ परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मियों में से एक बस चालक की आत्मदाह करने से हुई मौत के बाद आक्रोश और भड़क गया है। हैदराबाद में निगम के हजारों कर्मियों ने रविवार को अपोलो डीआरडीओ अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया।

विज्ञापन


एक कर्मचारी के खुदकुशी करने के बाद आरटीएससी के एक और कर्मचारी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस आयुक्त वारंगल ने कहा कि टीएसआरटीसी की नरसम्पेट डिपो में ड्राइवर बथिनी रवि ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस और अन्य लोगों ने उसे आग लगाने से रोका। इसके अलावा कर्मचारियों ने रोड पर खाना बनाकर प्रदर्शन किया। 
 




पांच अक्तूबर से जारी हड़ताल के बीच शनिवार को एक बस चालक ने आत्मदाह कर लिया था। उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन काफी बुरी तरह जल जाने के कारण रविवार को उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
विज्ञापन


बस चालक के परिजनों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कड़े व्यवहार के कारण वह काफी तनाव में रहता था। परिवहन निगम कर्मियों के प्रति राज्य सरकार का कड़ा रुख और यूनियन की मांगें नहीं माने जाने के कारण बस चालक चिंतित रहता था और इसी तनाव के बीच उसे आत्मदाह जैसा कड़ा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। 

मालूम हो कि टीएसआरटीसी के 48 हजार कर्मी और मजदूर यूनियन सदस्य पांच अक्तूबर से ही हड़ताल पर हैं और कार्य का बहिष्कार कर रखा है। संयुक्त कार्यसमिति के आह्वान पर हड़ताल पर गए कर्मियों की 26 तरह की मांग है। इनकी प्रमुख मांग है कि परिवहन निगम का सरकार में समायोजन किया जाए, ताकि 48 हजार कर्मी सरकारी कर्मचारी हो जाएं। 

विज्ञापन

परिवहन निगम के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने हड़ताल वापस लेने के लिए पांच अक्तूबर की शाम तक का समय (डेडलाइन) दिया था। इसके बावजूद निगम के कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े थे और दो दिन से चली आ रहे प्रदर्शन को वापस नहीं लिया।

इस फैसले के बाद छह अक्तूबर को सीएम केसीआर ने 48 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया। सीएम के चंद्रशेखर राव ने इसे अनुचित अपराध कहा था। सीएम केसीआर ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों से किसी भी तरह की बातचीत से इंकार कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें