परिवहन निगम के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने हड़ताल वापस लेने के लिए पांच अक्तूबर की शाम तक का समय (डेडलाइन) दिया था। इसके बावजूद निगम के कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े थे और दो दिन से चली आ रहे प्रदर्शन को वापस नहीं लिया।
इस फैसले के बाद छह अक्तूबर को सीएम केसीआर ने 48 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया। सीएम के चंद्रशेखर राव ने इसे अनुचित अपराध कहा था। सीएम केसीआर ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों से किसी भी तरह की बातचीत से इंकार कर दिया था।