दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले रेल यात्रियों को जल्दी ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। इस रुट पर पहली तेजस ट्रेन चलाई जा सकती है। स्वयं प्रधानमंत्री आगामी 15 अगस्त को इसका उद्घाटन कर सकते हैं।
तेजस ट्रेन चलने के बाद चंडीगढ़ तक की दूरी महज तीन घंटे में पूरी हो जाएगी। अभी इस यात्रा में चार से पांच घंटे का समय लगता है। कालका शताब्दी एक्सप्रेस से भी यह दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी होती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन को पहली तेजस ट्रेन बुधवार को ही मिल चुकी है। रेल अधिकारियों ने इसका आवश्यक निरीक्षण भी कर लिया है। ट्रेन में 19 कोच लगाए जा सकते हैं जिनका निर्माण कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में किया गया है। पहले इस ट्रेन को इसी वर्ष में मार्च में चलाए जाने की योजना थी, लेकिन समय पर कोचों की आपूर्ति न हो पाने के कारण इस योजना को टाल दिया गया था।
क्या है तेजस की खासियत
साल 2016 में पहली तेजस ट्रेन मुंबई से गोवा के बीच चलाई गई थी। तेजस को सेमी हाईस्पीड ट्रेन कहा जाता है, क्योंकि इसके चलने की औसत गति सीमा भी 130 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। हलांकि इसे कुछ जगहों पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा तक भी चलाया जा सकता है। औसत भारतीय ट्रेनों की स्पीड 56 किलोमीटर प्रति घंटा है।
सुविधाएं होंगी खास
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे विभाग तेजस ट्रेनों में हवाई यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाओं के जैसी सुविधाएं देने की योजना बना रहा है।
यात्रियों को उनके मनपसंद भोजन देने के साथ यात्रा के दौरान मनोरंजन के लिए एलईडी टीवी, पढ़ने के लिए विशेष लाइटें, पानी रखने और विशेष फोन चार्जिंग प्वाइंट दिए जाएंगे। बायो टॉयलेट और ट्रेन की विशेष साफ-सफाई यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।