तेजस एक्सप्रेस ट्रेन में फूड प्वॉयजनिंग की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि खाने की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं थी। बताया गया है कि दो बच्चों को उल्टी आने के बाद एसी कोच का वातावरण खराब हुआ और लोगों में बेचैनी हुई थी।
जांच दल ने बताया कि ट्रेन में परोसे गए खाने की गुणवत्ता संतोषजनक थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश के पर्यटकों के दल में शामिल दो बच्चों के उल्टी करने के बाद बेचैनी का पहला मामला सामने आया। बंद एसी कोच में बदबू के कारण लोगों में बेचैनी बढ़ी और उसके बाद दो और बच्चों ने उल्टी कर दी।
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इस घटना के बाद सी1, सी2, सी5, सी7 कोच के कुछ यात्रियों के इस कोच से गुजरने के बाद उन्होंने भी बेचैनी की शिकायत की। गौरतलब है कि गोवा से मुंबई जा रही तेजस एक्सप्रेस में 26 यात्रियों के बीमार पड़ने की शिकायत की जांच के लिए रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।