वायुसेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल एनबी सिंह के अनुसार, यह खबर चिंता जनक है। भारत के हल्के एवं उन्नत लड़ाकू विमान तेजस को लेने में दुनिया के कुछ देश रुचि ले रहे थे। पिछले कुछ समय से तेजस प्रदर्शन कर रहा था।
भारतीय वायुसेना ने दुबई के एयर शो में भारतीय लड़ाकू विमान ‘तेजस’ की दुर्घटना की पुष्टि की है। वायुसेना ने कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी के गठन का आदेश दिया है। इसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में कदम रख रहे भारत के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
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वायुसेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल एनबी सिंह के अनुसार, यह खबर चिंता जनक है। भारत के हल्के एवं उन्नत लड़ाकू विमान तेजस को लेने में दुनिया के कुछ देश रुचि ले रहे थे। पिछले कुछ समय से तेजस प्रदर्शन कर रहा था। कई एयर शो में इसने अपने करतब दिखाएं हैं, लेकिन दुबई एयर शो के दौरान हुई इस दुर्घटना विमान की गुणवत्ता पर सवाल उठा दिया है।
माना जा रहा है कि दुबई एयर शो में तेजस के इंजन में खराबी आने के कारण यह हादसा हुआ है। इससे पहले 2024 में राजस्थान के पोखरण में युद्धाभ्यास के दौरान इंजन फेल हो जाने के कारण तेजस दुघटनाग्रस्त हो गया था। तेजस का विकास हिन्दुस्तान एरोनटिक्स लिमिटेड ने किया है। इस लड़ाकू विमान के सौदे के लिए भारत के मित्र देश (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रलिया और मलेशिया)रचि दिखा रहे हैं।
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भारतीय वायुसेना के एक और पूर्व अफसर का कहना है कि गिरते हुए विमान को देखने के बाद ऐसा लगा कि यह फ्री फॉल है। मानो पायलट निगेटिव गुरुत्वाकर्षण बल से बाहर आने के समय विमान पर नियंत्रण खो बैठा। हालांकि, सूत्र का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है। ऐसी दुर्घटनाओं में केवल दो कारण होते हैं। पहला कारण मशीन में खराबी (तकनीकी) का होता है और दूसरा कारण मानव त्रुटि।
दुबई एयर शो का आखिरी दिन था
दुबई एयर शो पांच दिन से चल रहा था। यह हर दूसरे साल आयोजित होता है और रक्षा बाजार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस एयर शो में दुनिया भर की विमानन कंपनियां अपने लड़ाकू विमान, नागरिक उड्डयन विमान, कैरियर विमान, हेलीकाप्टर, कैरियर और टोही विमान, हेलीकाप्टर समेत रक्षा क्षेत्र के सभी साजो-सामान का प्रदर्शन करती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की रक्षा बाजार की प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। आज इस शो का आखिरी दिन था। भारतीय समयानुसार 3..40 बजे यह हादसा हुआ। उस समय तेजस ट्रेनी विमान अपनी डेमो उड़ान पर था और हवा में करतब दिखा रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि आसमान से नीचे की तरफ गोता लगाने के बाद विमान जब टर्न कर रहा था तो उस समय पायलट ने इस पर नियंत्रण खो दिया होगा। फाइटर पायलट के लिए यह क्षण चुनौतीपूर्ण होता है।